# DevPujaBooking.Com > Arti, Puja, Chalisa, Strotra, Bhajan, Book Puja Online ## Posts - [श्री लक्ष्मी चालीसा | Shree Lakshmi Chalisa](https://devpujabooking.com/shree-lakshmi-chalisa/): श्री लक्ष्मी चालीसा लिरिक्स हिंदी   लक्ष्मी चालीसा दोहा :  मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास । मनोकामना सिद्ध करि, पुरबहु मेरी आस ॥ सिन्धु सुता में सुमिरौं तोही ज्ञान बुद्धि विद्या दो मोही ।। तुम ससमान नहिं कोई उपकारी। सब विधि पुरबहु आस हमारी।। जै जै जगत जननि जगदम्बा। सबके तुम्ही हो आवलम्बा ॥ तुम ही हो घट घट के वासी विनती वही हमारी खासी ॥ जग जननी जय सिन्धु कुमारी। दीनन की तुम हो हितकारी। विनवौं नित्य तुमहिं महारानी। कृपा करो जग जननि भवानी।।॥ केहि विधि स्तुति करों तिहारी। सुधि लीजै अपराध विसारी॥ कृपा दृष्टि चितवो… - [आरती कुंज बिहारी की | Arti Kunj Bihari Ki](https://devpujabooking.com/arti-kunj-bihari-ki/): श्री कुंज बिहारी जी की आरती   आरती कुंजबिहारी की आरती कुंजबिहारी की , श्री गिरधर कृष्ण मुरारी की।  गले में वैजन्ती माला, बजावै मुरली मधुर बाला । श्रवण में कुण्डल झल काला, नन्द के आनंद नन्दलाला । नन्द के नन्द, मोहन ब्रजचन्द, परमानन्द, राधिका रमण बिहारी की।  श्री गिरधर…. गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली । लतन में ठाडे वनमाली, भ्रमरसी अलक, कस्तुरी तिलक, चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की।  श्री गिरधर…. कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दर्शन को तरसै, गगनसों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग, मधुर मृदंग, ग्वालिनी संग, अतुल रति गोप कुमारी… - [ॐ जय जगदीश हरे आरती | Arti Om Jai Jagdish Hare](https://devpujabooking.com/arti-om-jai-jagdish-hare/):  ॐ जय जगदीश हरे ओ३म् जय जगदीश हरे, प्रभु जय जगदीश हरे । भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करें ।ओ३म……  जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का।  सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ।ओ३म…… मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी । तुम बिन और न दूजा आस करूँ मैं जिसकी ॥ ओ३म…. तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर यामी ।  पार ब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी ॥ ओ३म….. तुम करूणा के सागर, तुम पालन कर्ता । मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता ॥ ओ३म…… तुम हो एक अगोचर, सबके प्राण पति । किस विधि मिलूँ… - [आरती बालकृष्ण की कीजै | Arti Balkrishna ki keejen Lyrics](https://devpujabooking.com/arti-balkrishna-ki-keejen-lyrics/):  ।।आरती बालकृष्ण की कीजै ।।      ।।आरती बालकृष्ण की कीजै ।।   आरती बालकृष्ण की कीजै।। अपनो जनम सफल कर लीजै ॥   श्री यशुदा को परम दुलारो, बाबा की अँखियन को तारो । गोपिन के प्राणन सों प्यारो, इन पर प्राण निछावर कीजै ॥ आरती बालकृष्ण…. ॥१॥   बलदाऊ को छोटो भइया, कनुआ कहि कहि बोलत  मइया।।  परम मुदित मन लेत बलइया,यह छवि नैनन में भरि लीजै॥  आरती बालकृष्ण.. ॥२॥   श्रीराधावर सुघर कन्हैया, व्रज जन को नवनीत खवैया ।  देखत ही मन नैन चुरैया, अपनो सर्वस इनको दीजै ॥  आरती बालकृष्ण… ॥३॥   तोतरि बोलन मधुर सुहायै, सखन… - [हे गिरधर तेरी आरति गाऊँ | he girdhar teri aarti gau lyrics](https://devpujabooking.com/he-girdhar-teri-aarti-gau-lyrics/):   हे गिरधर तेरी आरती गाऊँ ।।श्री गिरधर जी की आरती।। हे गिरधर तेरी आरती गाऊँ,  आरती गाऊँ प्यारे तुमको रिझाऊँ,    बांके बिहरी तेरी आरती गाऊँ । हे गिरधर ।।   मोर  मुकुट तेरे शीश पे सोहे,  प्यारी बंशी मुनि मन मोहे,    देख छवि बलिहारी मैं जाऊँ ॥ हे गिरधर ॥   चरणों से निकली गंगा प्यारी, जिसने सारी दुनियाँ तारी   उन चरणों में शीश नवाऊँ ॥ हे गिरधर ॥   नाथ अनाथ के, नाथ आप हो, सुख-दुःख जीवन, साथ आप हो,    श्री चरणों में बलि-बलि जाऊँ । हे गिरधर ।। - [Bhagwat Bhagwan Ki Arti | भागवत भगवान की आरती आरति अति पावन](https://devpujabooking.com/bhagwat-bhagwan-ki-arti-lyrics/): ||श्रीभागवत भगवान की आरती || *आरति अति पावन पुराण की ।  *धर्म भक्ति विज्ञान खान की ॥     *महापुराण भागवत निर्मल,        *शुक मुख विगलित निगम कल्प फल ।        *परमानन्द सुधा रस मय कल,        *लीला रति रस, रस निधान की ॥ आरती..       *कलिमल मथनी त्रिताप निवारिणी,        *जन्म मृत्यु भय भव भय हारणी ।        *सेवत सतत सकल सुख कारणी,        *शुभहोषधि, हरि चरित गान की ॥ आरती…….       *विषय विलास विमोह विनाशिनी,        *विमल विराग विवेक विकाशिनी… - [Bhagwat Bhagwan Ki Arti | भागवत भगवान की आरती](https://devpujabooking.com/bhagwat-bhagwan-ki-arti/):  श्री भागवत भगवान की आरती श्री भागवत भगवान की आरती श्री भागवत भगवान् की है आरती । पापियों को पाप से है तारती।  श्री भागवत भगवान की० ये अमर ग्रन्थ ये मुक्ति पंथ, ये पंचम वेद निराला । नव ज्योति जगाने वाला-२ ॥    हरिनाम यही, हरिध्यान यही, जग के मंगल की आरती ।  पापियों को पाप से है तारती।।  श्रीभागवत भगवान की० ये शान्ति गीत पावन पुनीत, पापों को मिटाने वाला।  हरि दर्श कराने वाला -२॥ ये सुख करणी, ये दुःख हरणी, श्री मधुसूदन की आरती। पापियों को पाप से है तारती ॥  श्री भागवत भगवान की०    ये… - [Hanuman Bhajan Lyrics | हनुमान भजन लिरिक्स जय हनुमान बोलो](https://devpujabooking.com/hanuman-bhajan-lyrics-2/): Hanuman Bhajan Lyrics हनुमान भजन लिरिक्स जय हनुमान बोलो    ।।जय बजरंगबली।। जय हनुमान बोलो जय हनुमान, जय हनुमान बोलो जय हनुमान ।    संकट कटे, बने सब काम, जय हनुमान बोलो जय हनुमान ।।   गुरू जिनके सूर्य देव हैं, ज्ञान और बुद्धि के भण्डार, – २    ऐसे हनुमत् को है मेरा, बार-बार शत् कोटि प्रणाम ।    बार-बार शत् कोटि प्रणाम-बार-बार शत् कोटि प्रणाम ।।    जय हुनमान बोलो जय हनुमान………… ॥ १ ॥   संकटमोचन नाम है इनका, जानत है संसार ये सारा, -२   काटे संकट राम के जिसने, वहीं करे सबका उद्धार ।    वहीं करे सबका उद्धार-वहीं… - [Hanuman Bhajan Lyrics | हनुमान भजन लिरिक्स मिलता है सच्चा सुख केवल](https://devpujabooking.com/hanuman-bhajan-lyrics/):  मिलता है सच्चा सुख केवल हनुमान भजन जय बजरंगबली मिलता है सच्चा सुख केवल,                 हनुमान तुम्हारे चरणों में।  हनुमान तुम्हारे चरणों में,               बालाजी तुम्हारे चरणों में ।। मिलता है……………..।।१।।   ये जीवन तो एक छाया है,              तेरे साथ ना तेरी काया है,-२  बस वो ही बचा इस माया से,                  जो श्री चरणों में आया है।  जो श्री चरणों में आया है –                जो श्री चरणों में आया… - [Hanuman Bhajan Lyrics In Hindi | हनुमान भजन लिरिक्स हिंदी लाल लंगोटो हाथ में सोटो](https://devpujabooking.com/hanuman-bhajan-lyrics-in-hindi/):              हनुमान भजन  लाल लंगोटो हाथ में सोटो   जय बजरंगबली लाल लंगोटो, हाथ में सोटो,  सालासर तेरो धाम, मैं वारी जाऊँ बालाजी।  मैं वारी जाऊँ बालाजी, बलिहारी जाऊँ बालाजी,  सालासर तेरो धाम, मैं वारी जाऊँ बालाजी ॥   आए हैं तेरे दर पे बाबा, कष्ट मिटा दो अब तो बाबा,  आए हैं तेरे दर पे बाबा, कष्ट मिटा दो अब तो बाबा ।  सच्चा है, तेरा दरबार, मैं वारी जाऊँ बालाजी ॥१॥   दर पे तेरे जो भी आया, खाली नहीं तूने लौटाया,  दर पे तेरे जो भी आया, खाली नहीं तूने लौटाया । ‘… - [Shiv Bhajan Lyrics | शिव भजन लिरिक्स जय भोले जय भोले बाबा](https://devpujabooking.com/shiv-bhajan-lyrics/):  शिव भजन लिरिक्स जय भोले जय भोले बाबा ।।शिव भजन।। जय भोले, जय भोले बाबा, दर पे तेरे आए हैं।  दरश दिखा दो, अब तो सदा शिव, कब से आस लगाए हैं  जय भोले, जय भोले बाबा…….   आक धतूरा खाएँ सदाशिव, भंग पीते नित खप्पर में,  कानन कुण्डल नागफनी के, शीश चन्द्रमा सोहे है,  जय भोले, जय भोले बाबा……..   गंगाजी समायी जटा में, गल में सर्प लिपटाएँ है,  हर-हर करती गंग की धारा, पल में शिवजी बहाए हैं,  जय भोले, जय भोले बाबा……..   बेल-पत्र और बेल-फल, बाबा हम ले आए हैं,  संग में कच्चा दूध, दही और… - [Shiv Bhajan Lyrics Hindi | शिव भजन लिरिक्स महाकाल शम्भू](https://devpujabooking.com/shiv-bhajan-lyrics-hindi/): Shiv Bhajan Lyrics Hindi              महाकाल हैं शम्भू भोले गंगा धारी-गंगा  ।।शिव भजन।। तर्ज : लाल-लाल चुनरी सितारों वाली.. महाकाल हैं शम्भू भोले गंगा धारी-गंगा धारी  दर्शन दे दो हमको भोले, हे त्रिपुरारी, हो SSSS….  दर्शन दे दो …….. २, महाकाल, महाकाल हैं……   हाथ डमरू तुम्हारे है भोलेनाथ जी,.२ शीश चंदा विराजे, तुम्हारे नाथ जी ।  शोभा तेरी, भोले बाबा, जग से न्यारी-२  दर्शन दे दो हमको भोले, हे त्रिपुरारी, हो ऽऽऽऽ…    गल सर्पों की माला, तुम्हारे नाथ जी… २  बम-बम, बम-बम सब कहते हैं, भोले नाथ जी ।  शंकर नाम है पावन,… - [Kailash Ke Nivasi lyrics bhajan | कैलाश के निवासी लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/kailash-ke-nivasi-lyrics-bhajan/): Kailash Ke Nivasi lyrics bhajan |  कैलाश के निवासी लिरिक्स भजन ।।शिव भजन।।   कैलाश के निवासी नमो बार-बार हूँ।  आयो शरण तिहारी भोले तार-तार तू ।। आयो शरण..   भक्तों को कभी शिव तूने निराश न किया,  माँगा उन्होंने जो चाहा वरदान दे दिया, बड़ा है तेरा दायरा, बड़ा दातार तू-बड़ा दातार तू आयो शरण….   बखान क्या करूँ मैं तेरे राखों के ढेर का,  भस्मी बभूत में है, खजाना कुबेर का,  बहे गंग धार, मुक्ति द्वार, ॐकार तू-ॐकार तू, आयो शरण…   क्या-क्या नहीं दिया हम क्या प्रमाण दें, बस गये हैं त्रिलोक भोले तेरे नाम से, जहर… - [Ganesh Arti Lyrics | गणेश आरती लिरिक्स गणपति की सेवा मंगल मेवा सेवा से सब विघ्न टरें](https://devpujabooking.com/ganesh-arti-lyrics/):   गणेश आरती लिरिक्स गणपति की सेवा मंगल मेवा सेवा से सब विघ्न टरें गणपति की सेवा मंगल मेवा सेवा से सब विघ्न टरें।  तीन लोक तैंतीस देवता द्वार खड़े सब अरज करें ॥  ऋद्धि सिद्धि दक्षिण वाम विराजें आनन्द सौं चंवर दुरें।  धूप दीप और लिये आरती भक्त खड़े जयकार करें ॥  गुड़ के मोदक भोग लगत है मूषक वाहन चढ़े सरें।  सौम्य सेवा गणपति की विघ्न भाग जा दूर परें॥  भादों मास शुक्ल चतुर्थी दोपारा भरपूर परें।  लियो जन्म गणपति प्रभु ने दुर्गा मन आनन्द भरें ॥ श्री शंकर के आनन्द उपज्यो, नाम सुमरयां सब विघ्न टरें। आन… - [Rin Mochan Ganpati Stotra | ऋण मोचन गणपति स्त्रोत](https://devpujabooking.com/rin-mochan-ganpati-stotra/): ऋण मोचन गणपति स्त्रोत अस्य श्री ऋणमोचनमहागणपतिस्तोत्रमन्त्रस्य शुक्राचार्य ऋषिः ऋणविमोचन-महागणपतिदेवता, अनुष्टुप् छन्दः, ऋणविमोचनमहागणपतिप्रीत्यर्थे जपे विनियोगः।        ॐ स्मरामि देवदेवेशं वक्रतुण्डं महाबलम् । षडक्षरं कृपासिन्धुं नमामि ऋणमुक्तये ॥१॥  महागणपतिं वन्दे महासेतुं महाबलम् ।  एकमेवाद्वितीयं तु नमामि ऋणमुक्तये ॥२॥ एकाक्षरं एकदन्तम एकब्रह्म सनातनम्।  महाविघ्नहरं देवं नमामि ऋणमुक्तये ॥३॥  शुक्लाम्बरं शुक्लवर्णं शुक्लगन्धानुलेपनम् ।  सर्वशुक्लमयं देवं नमामि ऋणमुक्तये ॥४॥  रक्ताम्बरं रक्तवर्ण रक्तगन्धानुलेपनम्।  रक्तपुष्पैः पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ॥५॥  कृष्णाम्बरं कृष्णवर्णं कृष्णगन्धानुलेपनम् ।  कृष्णयज्ञोपवीतं च नमामि ऋणमुक्तये ॥६॥  पीताम्बरं पीतवर्णं पीतगन्धानुलेपनम्।  पीतपुष्पैः पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ॥७॥  धूम्राक्षं धूम्रवर्णं धूम्रगन्धानुलेपनम् ।  धूम्रपुष्पैः पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ॥८॥  सर्वसर्वात्मकं सर्वं वर्णं सर्वगन्धानुलेपनम् ।  सर्वपुष्पैः पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये… - [Raja surth Ki Katha | राजा सुरथ की कथा लिरिक्स हिन्दी](https://devpujabooking.com/raja-surth-ki-katha/): राजा सुरथ की कथा लिरिक्स हिन्दी राजा सुरथ एवं समाधि वैश्यको देवी-दर्शन प्राचीन समयकी बात है। स्वारोचिष मन्वन्तरमें सुरथ नामके एक परम धार्मिक राजा थे। वे परम उदार थे तथा प्रजाका पुत्रवत् पालन करते थे। दुर्योगवश उनके मन्त्री शत्रुओंसे मिल गये और शत्रुओंने उन्हें पराजित करके उनका राज्य छीन लिया। निराश होकर राजा सुरथ वनमें चले गये। एक दिन वे भूख-प्याससे व्याकुल अवस्थामें परम तपस्वी सुमेधा मुनिके आश्रममें पहुँचे। मुनिके पूछनेपर उन्होंने अपनी सम्पूर्ण कथा बतायी। दयालु मुनिने उनका यथोचित सत्कार किया और उन्हें आश्रममें आश्रय प्रदान किया।   एक दिन महाराज सुरथ एक वृक्षके नीचे बैठकर अपने खोये हुए… - [Shakambhari mata | शाकम्भरी माता की कथा लिरिक्स हिन्दी](https://devpujabooking.com/shakambhari-mata-katha/): शाकम्भरी माता की कथा भगवती (शताक्षी) शाकम्भरी प्राचीन समयकी बात है। दुर्गम नामका एक महान् दैत्य था। उसका जन्म हिरण्याक्षके कुलमें हुआ था तथा उसके पिताका नाम रुरु था। ‘देवताओंका बल वेद है। वेदके लुप्त हो जानेपर देवता भी नहीं रहेंगे’ – ऐसा सोचकर दुर्गमने ब्रह्माजीसे वर पानेकी इच्छासे उनकी प्रसन्नताके लिये बड़ी कठोर तपस्या की। उसकी तपस्यासे प्रसन्न होकर ब्रह्माजीने उसे दर्शन दिया और उससे इच्छानुसार वर माँगनेके लिये कहा। दुर्गमने ब्रह्माजीसे कहा- ‘पितामह! यदि आप मुझपर प्रसन्न हैं तो मुझे सम्पूर्ण वेद देनेकी कृपा करें और देवताओंको परास्त करनेकी शक्ति भी दें।’   दुर्गमकी बात सुनकर चारों वेदोंके… - [Shiv Bhajan Lyrics | शिव भजन लिरिक्स शिव शंकर हैं भोले भण्डारी](https://devpujabooking.com/shiv-bhajan-lyrics-bhole-baba/): | शिव भजन लिरिक्स शिव शंकर हैं भोले भण्डारी  । ।। शिव भजन।।  ।। शिव भजन।। शिव शंकर हैं, भोले भण्डारी । जिसे मैं पूजता, जिसे जग पूजता ।।   जिसकी जटा में गंगा सोहे, जिसके गल सर्पों की माला, वो तो भोला है मतवाला, जिसे मैं पूजता…….॥१॥   भोले बाबा है अंतरयामी, भोले नन्दी की करते सवारी,  कैलाश के है वो वासी, जिसे मैं पूजता……॥२॥   भक्ति रावण करी सब पाया, राम द्रोह ना शिव को भाया,  तू ही बजरंग का अवतारी, जिसे मैं पूजता…….॥३॥   शिव के संग मैं गोरा विराजें, सारे जग की है वो माता,  गौरी… - [Durga Bhajan Lyrics | दुर्गा भजन लिरिक्स मैया हम तो दर तुम्हारे आ गये](https://devpujabooking.com/durga-bhajan-lyrics/):    दुर्गा भजन लिरिक्स  !! जय माता दी !!   तर्ज : दिल के अरमां…… मैया हम तो दर तुम्हारे आ गये ।  दर से तेरे माँ, है सब कुछ पा गए ।   नैनों से तेरे बरसता नूर है,  दिल में माँ तेरे दया भरपूर है।  हम भी मैया शरण तुम्हारी, आ गए ।।  दर से तेरे माँ…..॥१॥   ये जहाँ, तेरे चरण की धूल है,  सब सुखों की माँ ही मेरी मूल है ।  चरणों में तेरे हैं मैया, आ गए । दर से तेरे माँ….॥२॥   भक्तों की माँ, लाज रखती है सदा, करूणामयी है माँ मेरी, सबको… - [Bhagwati Ka Durga Name Kaise Padha | भगवती का दुर्गा नाम कैसे पड़ा आइए जानते हैं](https://devpujabooking.com/bhagwati-ka-durga-name-kaise-padha/): दुर्गा नाम कैसे पड़ा भगवती के ‘दुर्गा’ नामका इतिहास भगवती के ‘दुर्गा’ नामका इतिहास भगवती शताक्षी के द्वारा संसार एवं देवताओं की सुरक्षा और संरक्षण की बात सुनकर दुर्गम दैत्य अत्यन्त कुपित हुआ। वह अपनी सेना के साथ अस्त्र-शस्त्र से सुसज्जित होकर भगवती से युद्ध करने के लिये चल पड़ा। उसके पास एक अक्षौहिणी सेना थी। देवताओं की सारी सेना घेरकर वह दैत्य भगवती के सामने खड़ा हो गया। भगवती शिवाने ब्राह्मणों और देवताओं के चारों ओर तेजोमय चक्क खड़ा कर दिया और स्वयं बाहर निकल आयीं।   देवी एवं दुर्गम दैत्य के बीच भयंकर संग्राम प्रारम्भ हो गया। दोनों… - [Raja Harischandra Story : राजा हरिश्चन्द्र कहानी लिरिक्स](https://devpujabooking.com/raja-harischandra-story/): राजा हरिश्चन्द्र कहानी Raja Harischandra Story : राजा हरिश्चन्द्र कहानी लिरिक्स सत्यवादी महाराज हरिश्चन्द्र त्रिशंकु के पुत्र महाराज हरिश्चन्द्र भगवती शाकम्भरी के परम भक्त एवं अद्भुत सत्यवादी थे। एक बार वे शिकार खेलने के लिये जंगल में गये। वहाँ उन्हें विलाप करती हुई एक सुन्दरी स्त्री मिली। महाराज के द्वारा रोनेका कारण पूछने पर उसने कहा कि ‘मैं विश्वामित्र के कारण अत्यन्त दुःखी हूँ। वे तपस्या कर रहे हैं। यदि आप मुझे सुखी करना चाहते हैं तो किसी उपायसे उन्हें तपस्यासे विरत करनेकी कृपा करें।’ महाराज ने उसे आश्वस्त करके घर भेज दिया और विश्वामित्र मुनि को तपस्या करने से… - [Pauranik Kathaye Hindi Me | पौराणिक कथाएँ हिन्दी भगवती महिषासुरमर्दिनी](https://devpujabooking.com/pauranik-kathaye-hindi-me/): पौराणिक कथाएँ Pauranik Kathaye Hindi Me | पौराणिक कथाएँ हिन्दी भगवती महिषासुरमर्दिनी भगवती महिषासुरमर्दिनी पूर्वकाल की बात है। रम्भ दानव को महिषासुर नामक एक प्रबल पराक्रमी तथा अमित बलशाली पुत्र हुआ। उसने अमर होने की इच्छा से ब्रह्माजी को प्रसन्न करने के लिये बड़ी कठिन तपस्या की। उसकी दस हजार वर्षों की तपस्या के बाद लोकपितामह ब्रह्मा प्रसन्न हुए। वे हंस पर बैठकर महिषासुर के निकट आये और बोले- ‘वत्स! उठो, अब तुम्हारी तपस्या सफल हो गयी। मैं तुम्हारा मनोरथ पूर्ण करूँगा। इच्छानुसार वर माँगो।’ महिषासुर ने उनसे अमर होने का वर माँगा।   ब्रह्माजी ने कहा- ‘पुत्र! जन्मे हुए… - [Pauranik Kathaye : पौराणिक कथाएँ लिरिक्स हिन्दी शुकदेव और राजा जनक की कथा](https://devpujabooking.com/pauranik-kathaye/): पौराणिक कथाएँ ।।महामुनि शुकदेव एवं तत्त्वज्ञानी जनक। पुत्रप्राप्तिकी कामनासे भगवान् व्यासने भगवान् शंकरकी उपासना की, जिसके फलस्वरूप उन्हें शुकदेवजी पुत्ररूपमें प्राप्त हुए। व्यासजीने शुकदेवजीके जातकर्म, यज्ञोपवीत आदि सभी संस्कार सम्पन्न किये। गुरुकुलमें रहकर शुकदेवजीने शीघ्र ही सम्पूर्ण वेदों एवं अखिल धर्मशास्त्रोंमें अद्भुत पाण्डित्य प्राप्त कर लिया। गुरुगृहसे लौटनेके बाद व्यासजीने पुत्रका प्रसन्नतापूर्वक स्वागत किया। उन्होंने शुकदेवजीसे कहा- ‘पुत्र! तुम बड़े बुद्धिमान् हो। तुमने वेद और धर्मशास्त्र पढ़ लिये। अब अपना विवाह कर लो और गृहस्थ बनकर देवताओं तथा पितरोंका यजन करो!’   शुकदेवजीने कहा-‘पिताजी ! गृहस्थाश्रम सदा कष्ट देनेवाला है। महाभाग! मैं आपका औरस पुत्र हूँ। आप मुझे इस अन्धकारपूर्ण… - [Pauranik Kahaniyan Lyrics | पौराणिक कहानियां लिरिक्स मधु - कैटभ की कथा](https://devpujabooking.com/pauranik-kahaniyan-lyrics/): पौराणिक कहानियां ।।मधु-कैटभकी कथा।।   ।।मधु-कैटभकी कथा।। प्राचीन समयकी बात है। चारों ओर जल-ही-जल था, केवल भगवान् विष्णु शेषनागकी शय्यापर सोये हुए थे। उनके कानकी मैलसे मधु और कैटभ नामके दो महापराक्रमी दानव उत्पन्न हुए। वे सोचने लगे कि हमारी उत्पत्तिका कारण क्या है? कैटभने कहा- ‘भैया मधु! इस जलमें हमारी सत्ताको कायम रखनेवाली भगवती महाशक्ति ही हैं। उनमें अपार बल है। उन्होंने ही इस जलतत्त्वकी रचना की है। वे ही परम आराच्या शक्ति हमारी उत्पत्तिकी कारण हैं।’ इतनेमें ही आकाशमें गूँजता हुआ सुन्दर ‘वाग्बीज’ सुनायी पड़ा। उन दोनोंने सोचा कि यही भगवतीका महामन्त्र है। अब वे उसी मन्त्रका ध्यान… - [पौराणिक कहानियां भगवान् विष्णुके हयग्रीवावतारकी कथा](https://devpujabooking.com/pauranik-kahaniyan/): पौराणिक कहानियां भगवान् विष्णुके हयग्रीवावतारकी कथा भगवान् विष्णुके हयग्रीवावतारकी कथा एक समयकी बात है। हयग्रीव नामका एक परम पराक्रमी दैत्य हुआ। उसने सरस्वती नदीके तटपर जाकर भगवती महामायाकी प्रसव्रताके लिये बड़ी कठोर तपस्या की। वह बहुत दिनों तक बिना कुछ खाये भगवतीके भायाबीज एकाक्षर महामन्त्रका जप करता रहा। उसकी इन्द्रियाँ उसके वशमें हो चुकी थीं। सभी भोगोंका उसने त्याग कर दिया था। उसकी कठिन तपस्यासे प्रमन्त्र होकर भगवतीने उसे तामसी शक्तिके रूपमें दर्शन दिया। भगवती महामायाने उससे कहा- ‘महाभाग! तुम्हारी तपस्या सफल हुई। मैं तुमपर परम प्रसन्न हूँ। तुम्हारी जो भी इच्छा हो मैं उसे पूर्ण करनेके लिये तैयार हूँ।… - [Maa Durga Bhajan Lyrics : माँ दुर्गा भजन लिरिक्स जग की पालन हार है](https://devpujabooking.com/maa-durga-bhajan-lyrics/): माँ दुर्गा भजन लिरिक्स जग की पालन हार है                                                                                                                                                                                      … - [संकटनाशक गणेश स्तोत्र लिरिक्स । Sankat Nashan Ganesh Stotra Lyrics](https://devpujabooking.com/sankat-nashan-ganesh-stotra-lyrics/): संकटनाशक गणेश स्तोत्र लिरिक्स  ॥नारद उवाच॥ प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम्।    भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायुः कामार्थसिद्धये ॥१॥    प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम् ।    तृतीयं कृष्ण पिंगाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ॥२॥    लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च।   सप्तमं विघ्नराजं च धूम्रवर्णं तथाष्टमम् ॥ ३ ॥   नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम् ।   एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ॥ ४ ॥   द्वादशैतानि नामानि त्रिसन्ध्यं यः पठेन्नरः।    न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धकिरं प्रभो ॥५॥   विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम्।   पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मोक्षार्थी लभते गतिम् ॥६॥    जपेद्गणपतिस्तोत्रं ष‌ड्भिर्मासैः फलं लभेत्।   संवत्सरेण सिद्धिं च… - [Krishna Bhajan Lyrics Hindi : कृष्ण भजन लिरिक्स मीठे रस से भरोरी](https://devpujabooking.com/krishna-bhajan-lyrics-hindi/): कृष्ण भजन लिरिक्स जय श्री श्याम ॥ मीठे रस से भरोरी ॥ मीठे रस से भरोरी राधा रानी लागे महारानी लागे।  मान्हे कारो कारो, यमुना जी को पानी लागे ।।  मीठे रस से……………..   यमुना मैया कारी-कारी राधा गौरी गौरी,  वृन्दावन में धूम मचावें बरसाने की छोरी,  ब्रज धाम, राधा जूं की राजधानी लागे, मान्हे कारो कारो………॥१॥   कान्हा नित मुरली में टेरे, सुमिरे बारम्बार, कोटिक रूप धरे मनमोहन, कछु न पावे पार, रूप रंग की छबीली, पटरानी लागे मान्हे कारो कारो………॥२॥   न भावे मन माखन मिश्री, न कोई और मिठाई, हरि जीव हिलीन्हे भावे, राधा नाम मलाई, वृषभानू… - [Ganesh chalisa lyrics in hindi : गणेश चालीसा लिरिक्स हिन्दी](https://devpujabooking.com/ganesh-chalisa-lyrics-in-hindi/): गणेश चालीसा लिरिक्स हिन्दी ।।पूजन विधि।। प्रातःकाल ही स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ व सूती वस्र पहनें। फिर लकड़ी की चौकी या पटरे पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर गणेशजी की मूर्ति या चित्र को रखें। स्वयं कुश या ऊन के आसन पर बैठें। फिर लाल चन्दन, लाल पुष्प, चावल, धूप-दीप से गणेशजी का पूजन करें और मोदक (लड्डू) का भोग लगायें। फिर ‘तांत्रिक गणेश यंत्र’ का सच्चे हृदय से दर्शन करके यह मंत्र पढ़ें-  गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जम्बूफल चारु भक्षणम्।  उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वर पादपंकजम्॥    श्री गणेश चालीसा   ॥ दोहा ॥ श्री गुरु… - [Krishna bhajan lyrics : क्रष्ण भजन लिरिक्स बनवारी ओ शरण तुम्हारी](https://devpujabooking.com/krishna-bhajan-lyrics_9/): क्रष्ण भजन लिरिक्स   ।।जय श्री श्याम।। बनवारी ओ, शरण तुम्हारी ओ, लज्जा राखो हमारी, हरि बिन मोरी, गोपाल बिन मोरी, लक्ष्मी नाथ बिन मोरी, साँवरे सेठ बिन मोरी, दाता कौन खबर ले -२ हरि बिन मोरी……….॥१॥   सांवलशाह गिरधारी भरोसो भारी, शरण तुम्हारी  लज्जा राखो हमारी, हरि बिन मोरी, गोपाल बिन मोरी, लक्ष्मी नाथ बिन मोरी,  साँवरे सेठ बिन मोरी, दाता कौन खबर ले -२  हरि बिन मोरी…………।।२।।   लटपट बार केसरियाँ जामा, हिवड़े रो हार हजारी -२  भला हो रामा गल विच हार हजारी हरि बिन मोरी…………..।।३।।   मोर मुकुट सिर छत्तर विराजे,  कुण्डल की शोभा न्यारी, भला हो… - [Krishna Bhajan Lyrics : कृष्ण भजन लिरिक्स हरि जी मेरी लागी लगन](https://devpujabooking.com/krishna-bhajan-lyrics_8/): Krishna Bhajan Lyrics ।।जय श्री श्याम।। हरि जी मेरी लागी लगन मत तोड़ना हरि जी मेरी लागी लगन मत तोड़ना-२  प्रभु जी मेरी लागी लगन मत तोड़ना लागी लगन मत तोड़ना, ओ प्यारे,  लागी लगन मत तोड़ना हरि जी मेरी लागी लगन……   खेती बुआई मैंने तेरे नाम की,  मेरे भरोसे मत छोड़ना-२  प्रभु जी मेरी लागी लगन मत तोड़ना  हरि जी मेरी लागी लगन….. ॥१॥   तू ही तो मेरा सेठ है, तू ही तो मेरा साहूकार है,  ब्याज पे ब्याज मत जोड़ना-२ हरि जी मेरी लागी लगन…..॥२॥    जल है गहरा नाव पुरानी -२, बीच भंवर मत छोड़ना… - [Krishna Bhajan Lyrics in hindi : तुम ढूँढो मुझे गोपाल कृष्ण भजन लिरिक्स हिन्दी](https://devpujabooking.com/krishna-bhajan-lyrics-in-hindi/): Krishna Bhajan Lyrics in hindi जय श्री श्याम।। तुम ढूँढो मुझे गोपाल… तुम ढूँढो मुझे गोपाल, मैं खोई गइया तेरी -२    सुध लो मेरी गोपाल, मैं खोई गइया तेरी -२   पाँच विकार से हाँकी जाए, पाँच तत्व की ये ढेरी ।    बरबस भटकी दूर कहीं मैं, चैन न पाऊ अब के ही ॥   ये कैसा माया जाल, मैं उलझी गइया तेरी ।   सुध लो मोरी गोपाल, मैं उलझी गइया तेरी ।।   तुम ढूँढो मुझे गोपाल..   जमना तट ना नन्दन वट ना, गोपी ग्वाल कोई दिखे ।    कुसुम लता ना तेरी छटा ना,… - [Radha Krishna bhajan : मेरे बांके बिहारी लाल तू इतना ना करियो श्रृंगार राधा कृष्ण भजन लिरिक्स](https://devpujabooking.com/radha-krishna-bhajan/): Radha Krishna bhajan जय श्री श्याम तर्ज मेरे बांके बिहारी लाल मेरे बांके बिहारी लाल तू इतना ना करियो श्रृंगार ।  नजर तोहे लग जाएगी, नजर तोहे लग जाएगी ॥   तेरी सुरतिया पर मन मोरा अटका प्यारा लागे तेरा पीला पटका होए ! तेरी टेढ़ी-मेढ़ी चाल -२ तू इतनां ना करियो श्रृंगार, नजर तोहे लग जाएगी,  मेरे बांके बिहारी लाल………….॥१॥   तेरी मुरलिया पर मन मोरा अटका प्यारा लागे तेरा नीला पटका होए ! तेरे घुँघर वाले बाल -२  तू इतनां ना करियो श्रृंगार, नजर तोहे लग जाएगी, मेरे बांके बिहारी लाल………….॥२॥   तेरी कमरिया पर मन मोरा अटका… - [Krishna bhajan list : ओ पालन हारे, निर्गुण ओ न्यारे कृष्ण भजन लिस्ट लिरिक्स हिन्दी](https://devpujabooking.com/krishna-bhajan-list/): ओ पालन हारे, निर्गुण ओ न्यारे ।।जय श्री श्याम।। तर्ज :ओ पालन हारे, निर्गुण ओ न्यारे,   ओ पालन हारे, निर्गुण ओ न्यारे, तुम्हरे बिन हमरा कोन्हु नाही  हमरी उलझन सुलझाओ भगवन, तुम्हरे बिन हमरा कोन्हु नाहीं – २  ओ पालन हारे.. ॥१॥   तुम्हें हमका हो सम्भाले, तुम्हें हमरे रखवाले तुम्हरे बिना हमरा कोन्हु नाहीं – २ ओ पालन हारे.. ॥२॥   चंदा में तुम्हें ही भरे हो चाँदनी, सूरज में उजाला तुम्हीं से  ये गगन, है मगन, तुम्हीं तो दिए हो इसे तारे   भगवन, ये जीवन, तुम्हें ना संवारोगे तो क्या कोई संवारे ओ पालन हारे……….॥३॥   जो… - [Krishna bhajan Lyrics : कृष्णा भजन लिरिक्स हिन्दी कान्हा तेरा भरोसा](https://devpujabooking.com/krishna-bhajan-lyrics/): Krishna bhajan Lyrics कृष्णा भजन लिरिक्स हिन्दी कान्हा तेरा भरोसा                                 ।।जय श्री श्याम।। कान्हा तेरा भरोसा, कान्हा तेरा सहारा,  आ जाओ मेरे मोहन, भक्तों ने अब पुकारा ।  कान्हा तेरा भरोसा, कान्हा तेरा सहारा ।।   गीता सुना के तुमने, अर्जुन को भी था तारा,  आए थे दौड़े पल में, गज ने था जब पुकारा । विनती ‘यश’ की सुन लो, सेवक हूँ मैं तुम्हारा ।।  कान्हा तेरा भरोसा……….॥१॥   भादो के मास में ही, अष्टम् के दिन तू आया,  मथुरा में जन्म लेकर,… - [ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय मंगल करणी लिरिक्स आरती दुर्गा जी - Om Jai Ambe Gauri Maiya](https://devpujabooking.com/om-jai-ambe-gauri-maiya/): ॐ जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल करणी लिरिक्स आरती दुर्गा जी   ।।श्री दुर्गा जी की आरती।। ओउम जय अम्बे गौरी, मैया जय मंगल करणी, मैया जय आनन्द करणी ।   तुमको निशदिन ध्यावत, मैया जी को सदा मनावत, हरि ब्रह्मा शिव जी ॥ जय…   माँग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमदको ।   उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्र बदन नीको ॥ जय…   कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजे ।    रक्त-पुष्प गल माला, कण्ठन पर साजे ॥ जय…    केहरि वाहन राजत, खड़ग खप्पर धारी ।   सुर-नर-मुनि-जन सेवक, तिनके दुःखहारी ॥ जय…    कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती ।… - [मुरली वाले तेरा ही सहारा है लिरिक्स भजन हिन्दी - Murli Wale Tera Hi Sahara Hai Lyrics](https://devpujabooking.com/murli-wale-tera-hi-sahara-hai-lyrics/): मुरली वाले तेरा ही सहारा है लिरिक्स भजन हिन्दी  Murli Wale Tera Hi Sahara Hai Lyrics ।।जय श्री श्याम।। मुरली वाले तेरा ही सहारा है, बिन तेरे प्रभु कौन हमारा है। संकट की घड़ी जब आई तो, तुमने ही नाथ उबारा है मुरली वाले……….. तेरी सेवा प्रभु जी करते रहें, तेरा नाम प्रभु जी लेते रहें, तेरी सेवा प्रभु जी करते रहें, तेरा नाम प्रभु जी लेते रहें । करता सबका बेड़ा पार प्रभु, केवल तेरा एक ईशारा है । मुरली वाले तेरा ही सहारा है.. …..॥१॥ मेरे श्याम प्रभु तेरे संग में सदा, राधा जी नाम सुहाना है, मेरे… - [मोर मुकुट पीताम्बर पहनें गल वैजन्ती माल लिरिक्स हिन्दी- Mor Mukut Pitamber Lyrics bhajan](https://devpujabooking.com/mor-mukut-pitamber-lyrics-bhajan/): मोर मुकुट पीताम्बर पहनें गल वैजन्ती माल लिरिक्स हिन्दी- Mor Mukut Pitamber Lyrics bhajan ।। जय श्री श्याम।। मोर मुकुट पीताम्बर पहनें, गल वैजन्ती माल। श्याम मेरे आ जाओ, श्याम मेरे आ जाओ ।   राधाजी तेरे संग विराजे, राधाजी तेरे संग विराजे,  मनमोहन नन्दलाल, श्याम मेरे……॥१॥   स्यामल सा तेरा रूप कान्हा, स्यामल सा तेरा रूप कान्हा,  शोभा बड़ी विशाल, श्याम मेरे……॥२॥   गऊओं का तुम पालन करते, गऊओं का तुम पालन करते,  नाम हुआ गोपाल, श्याम मेरे……॥३॥   दर्शन करने शिवजी आए, दर्शन करने शिवजी आए, गोकुल में गोपाल, श्याम मेरे……॥४॥   ग्वाल-बाल सब खेल रहे हैं, ग्वाल-बाल… - [मेरा गोपाल गिरधारी जमाने से निराला लिरिक्स हिन्दी भजन- Mera Gopal Girdhari Lyrics](https://devpujabooking.com/mera-gopal-girdhari-lyrics/): मेरा गोपाल गिरधारी जमाने से निराला लिरिक्स हिन्दी भजन- Mera Gopal Girdhari Lyrics     ।। मेरा गोपाल गिरधारी।। मेरा गोपाल गिरधारी जमाने से निराला है,  ना गोरा है ना काला है, वो मोहन मुरलीवाला है।  मेरा गोपाल गिरधारी जमाने से निराला है ।।   कभी सपनों में आ जाना,  कभी रूहगोश हो जाना, कभी रूहगोश हो जाना ।  ये तरसाने का मोहन ने निराला ढंग निकाला है ॥  मेरा गोपाल गिरधारी…॥१॥   कभी वो रूठ जाता है,  कभी वो मुस्कुराता है, कभी वो मुस्कुराता है। इसी दर्शन की खातिर तो बड़े नाजो से पाला है ।।  मेरा गोपाल गिरधारी…॥२॥  … - [सतगुरु मैं तेरी पतंग लिरिक्स हिन्दी - Satguru Main Teri Patang Hava Lyrics](https://devpujabooking.com/satguru-main-teri-patang-lyrics/): ।।सतगुरु मैं तेरी पतंग लिरिक्स हिन्दी।।   सतगुरू मैं तेरी पतंग, बाबा मैं तेरी पतंग,  हवा विच उडदी जावाँगी।  बाबा डोर हत्थों छड्डी ना, मैं कट्टी जावाँगी।  सांईया डोर हत्थों छड्डी ना, मैं कट्टी जावाँगी ॥  सतगुरू मैं तेरी पतंग…….   बड़ी मुश्किल दे नाल मिलियाँ,  मैंनू तेरा द्वारा है, बाबा तेरा द्वारा है। मैंनू इको तेरा आसरा नाल,  तेरा सहारा है, बाबा तेरा सहारा है ।। हुन तेरे ही भरोसे, हवा विच उडदी जावाँगी,  बाबा डोर…॥१॥   ऐना चरणां कमला नालो, मैंनू दूर हटावी ना-२,  इस झूठे जग दे अन्दर, मेरा पेंचा लाई ना-२  जे कट गई तां सतगुरू,… - [शिव तांडव स्तोत्र लिरिक्स रावण रचित शिव तांडव - Shiv Tandav Stotram Lyrics](https://devpujabooking.com/shiv-tandav-stotram-lyrics/): ।।शिवताण्डवस्तोत्रम्।। शिव तांडव स्तोत्र लिरिक्स जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले   गलेऽवलम्बय लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्    डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं   चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥   जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी-   विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्द्धनि ।   धगद्धगद्धगज्जवलल्लाटपट्टपावके   किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥२॥   धराधरेन्द्रनन्दिनीविलासबन्धुबन्धुर-   स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे      कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि   क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥३॥    जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्फणामणिप्रभा –   कदम्बकुङ्कुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे ।   मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे    मनो विनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ॥४॥   ललाटचत्वरज्वलद्धनञ्जयस्फुलिंगया    निपीतपंचसायकं नमन्निलिम्पनायकम् ।   सुधामयूखरेखया विराजमानशेखरं   महः कपालि संपदे सरिज्जटालमस्तु नः ।।५।।   सहस्त्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर-   प्रसूनधूलिधोरणीविधूसरा‌ङ्घ्रिपीठभूः ।   भुजङ्गराजमालया निबद्धजाटजूटकः   श्रियै चिराय जायतां चकोरबन्धुशेखरः ॥६॥   करालभालपट्टिकाधगद्धगद्धज्ज्वल-   द्धनञ्जयाहुतीकृतप्रचडपश्चसायके ।   धराधरेन्द्रनन्दिनीकुचाग्रचित्रपत्रक-   प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने रतिर्मम… - [लिङ्गाष्टकम् स्त्रोत सम्पूर्ण लिरिक्स हिन्दी - Lingastkam Stotram Lyrics Hindi](https://devpujabooking.com/lingastkam-stotram-lyrics-hindi/): ।।  लिङ्गाष्टकम् स्त्रोत सम्पूर्ण लिरिक्स हिन्दी।।                                                                                                      ।।  लिङ्गाष्टकम् ।। ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्ग निर्मलभासितशोभितलिङ्गम।  जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥१॥    देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करूणाकरलिङ्गम्।  रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ २॥    सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्।  सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥३॥    कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम्।  दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ ४॥    कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम् ।  सश्चितपापविनाशनलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥५॥    देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव… - [द्वादशज्योतिर्लिङ्ग स्मरणम् द्वादशज्योतिर्लिङ्ग स्त्रोत सम्पूर्ण संस्कृत Dwadas Jyotirling Stotram](https://devpujabooking.com/dwadas-jyotirling-stotram/): * द्वादशज्योतिर्लिङ्ग स्मरणम् * सौराष्ट्र सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम् ।   उज्जयिन्यां महाकालमोङकारममलेश्वरम् ॥ १ ॥ परल्यां वैद्यनाथ च डाकिन्यां भीमाशंकरम् ।    सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ॥ २ ॥    वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे ।    हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये ॥ ३ ॥   एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः ।   सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति ॥ ४ ॥   ॥ इति द्वादशज्योतिर्लिङ्गस्मरणं सम्पूर्णम् ॥     (१) सौराष्ट्र प्रदेश (काठियावाड़) में श्रीसोमनाथ, (२) श्रीशैल पर श्री मल्लिकार्जुन, (३) उज्जयिनी (उज्जैन)- में श्रीमहाकाल, (४) ॐ कारेश्वर अथवा अमलेश्वर ॥१॥ (५) परलीमें वैद्यनाथ (६) डाकिनी नामक स्थान… - [रुद्राष्टकम् लिरिक्स हिन्दी मे सम्पूर्ण - Rudrashtakam Lyrics Hindi Sanskrat](https://devpujabooking.com/rudrashtakam-lyrics-hindi-sanskrat/): ।।रुद्राष्टकम् लिरिक्स।। नमामीशमीशान निर्वाणरूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं ।   निजंनिर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाश माकाश वासं भजेऽहं ।   निराकार मोंकारमूलं तुरीयं, गिरा ग्यान गोतीत मीशं गिरीशं ।    करालं महाकालकालं कृपालं, गुणागार संसारपार  नतोऽहं ॥   तुषाराद्रि संकाश गौरं गंभीरं, मनोभूत कोटि प्रभा  श्रीशरीरं ।    स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारू गंगा, लसद्भाल बालेन्दु कंठेभुजंगा ॥    चलत्कुंडलं भ्रू सुनेत्रं विशालं, प्रसन्नाननं नीलकंठ  दयालं ।   मृगाधीश चर्माम्बरं मुण्डमालं, प्रिय शंङ्करं सर्वनाथं भजामि ॥    प्रचंडं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं, अखंडं अजं  भानुकोटिप्रकाशं ।    त्रयः शूल निर्मूलनं शूलपाणिं, भजेऽहं भवानीपतिं भावगम्यं ॥    कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी, सदा सज्जनानन्द दाता पुरारी ।… - [श्री युगलाष्टकम् लिरिक्स संस्कृत - Yugalashtakam Sanskrat Lyrics](https://devpujabooking.com/yugalashtakam-sanskrat-lyrics/): श्री युगलाष्टकम् लिरिक्स संस्कृत  ।।युगलाष्टकम्।। कृष्ण प्रेममयी राधा, राधा प्रेममयो हरिः ।  जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम् ॥   कृष्णस्य द्रविणं राधा, राधाया द्रविणं हरिः ।  जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम् ॥    कृष्ण द्रवमयी राधा, राधा द्रवमयो हरिः । जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम् ॥   कृष्णचित्तस्थिता राधा, राधाचित्तस्थिता हरिः । जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम् ॥   कृष्ण प्राणमयी राधा, राधा प्राणमयो हरिः ।   जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम् ॥   कृष्ण गृहस्थिता राधा, राधा गृहस्थितो हरिः ।  जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम् ॥   नीलाम्बर धरा राधा, पीताम्बर धरो हरिः ।  जीवने निधने नित्यं, राधाकृष्णौ गतिर्मम्… - [मधुराष्टकम् लिरिक्स संस्कृत : अधरं मधुरं वदनं मधुरं - Madhurashtakam Adhram Maduram](https://devpujabooking.com/madhurashtakam-adhram-maduram/):  ।।मधुराष्टकम्।। अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरम्।  हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥१॥   वचनं मधुरं चरितं मधुरं वसनं मधुरं वलितं मधुरम्। चलितं मुधरं भ्रमितं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥२॥   वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरौ पादौ मधुरौ। नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥३॥   गीतं मधुरं पीतं मधुरं भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरम्। रूपं मुधरं तिलकं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥४॥    करणं मधुरं तरणं मधुरं हरणं मधुरं स्मरणं मधुरम्। वमितं मधुरं शमितं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥५॥   गुंजा मधुरा माला मधुरा यमुना मधुरा वीची मधुरा । सलिलं मधुरं कमलं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्॥६॥   गोपी मधुरा लीला मधुरा युक्तं मधुरं भुक्तं मधुरम्। दृष्टं मधुरं… - [श्री नन्दकुमाराष्टकम् लिरिक्स संस्कृत में - Nandkumarastkam Lyrics Sanskrat](https://devpujabooking.com/nandkumarastkam-lyrics-sanskrat/):  ।।श्री नन्दकुमाराष्टकम्।। वृन्दावन चन्द्रम आनन्दकन्दं परमानन्दम् धरणिधरम् ॥ वल्लभ घनश्यामें पूरणकामम् अत्याभिरामं प्रीतिकरम्।  भज नन्दकुमारं सब सुख सारं तत्व विचारं ब्रह्मपरम ॥१॥ शुभवारिज वदनं निर्जित मदनम् आनन्द सदनं मुकुट धरम् ।  गुंजाकृति हारं विपिन बिहारं परमोदरं चीरहरम् ॥  वल्लभ पटपीत कृत उपबीतं कर नवनीतं बिवुधवरं ।  भज नन्द कुमारं सब सुख सारं तत्व विचारं ब्रह्मपरम् ॥२॥ शोभित मुख धूलं यमुनाकूलं निपट अतूलं सुखदतरम् ।  मुख मण्डित रेणुं चारित धेनुम् वादित वेणुं मधुर सुरभम् ॥  वल्लभ मति विमलं शुभपद कमलं नख रूचि अमलं तिमिरहरम् । भज नन्द कुमारं सब सुखसारं तत्व विचारं ब्रह्मपरम ॥३॥ सिर मुकुट सुदेशं कुंचित केशं नटवर वेशं… - [गोपी गीत लिरिक्स हिन्दी - जयति तेऽधिकं जन्मना Gopi Geet Lyrics Hindi](https://devpujabooking.com/gopi-geet-lyrics-hindi/): गोपी गीत लिरिक्स हिन्दी – जयति तेऽधिकं जन्मना Gopi Geet Lyrics Hindi    ।।गोपी गीत लिरिक्स।। जयति तेऽधिकं जन्मना व्रजः श्रयत इन्दिरा शश्वदत्र हि । दयित दृश्यतां दिक्षु तावकास्त्वयि धृतासवस्त्वां विचिन्वते ॥ शरदुदाशये साधुजातसत्सरसिजोदर श्रीमुषा दृशा । सुरतनाथ तेऽशुल्कदासिका वरद निघ्नतो नेह किं वधः ॥ विषजलाप्ययाद् व्यालराक्षसाद् वर्षमारुताद् वैद्युतानलात् । वृषमयात्मजाद् विश्वतोभयादृषभ ते वयं रक्षिता मुहुः ॥ न खलु गोपिकानन्दनो भवानखिलदेहिनामन्तरात्मदृक् । विखनसार्थितो विश्वगुप्तये सख उदेयिवान् सात्वतां कुले ॥ विरचिताभयं वृष्णिधुर्य ते चरणामीयुषां संसृतेर्भयात् । करसरोरुहं कान्त कामदं शिरसि धेहि नः श्रीकरग्रहम ॥ व्रजजनार्तिहन् वीर योषितां निजजनस्मयध्वंसनस्मित । भज सखे भवत्किंकरीः स्म नो जलरुहाननं चारु दर्शय ॥ प्रणतदेहिनां पापकर्शनं तृणचरानुगं… - [मुण्डमालातन्त्रोक्त महाविद्या स्त्रोत। Mundmalatantrokat mahavidhya strotra](https://devpujabooking.com/mundmalatantrokat-mahavidhya-strotra/):  ।।मुण्डमालातन्त्रोक्त महाविद्या स्तोत्रम्।। ॐ नमस्ते चण्डिके चण्डि चण्डमुण्डविनाशिनि । नमस्ते कालिके कालमहाभयविनाशिनि ।। शिवे रक्ष जगद्धात्रि प्रसीद हरवल्लभे।। प्रणमामि जगद्धात्रीं जगत्पालनकारिणीम् ॥ जगत् क्षोभकरीं विद्यां जगत्सृष्टिविधायिनीम्। करालां विकटां घोरां मुण्डमालाविभूषिताम् ॥ हरार्चितां हराराध्यां नमामि हरवल्लभाम्।। गौरीं गुरुप्रियां गौरवर्णालङ्कारभूषिताम् ॥ हरिप्रियां महामायां नमामि ब्रह्मपूजिताम् ।। सिद्धां सिद्धेश्वरीं सिद्धविद्याधरगणैर्युताम् ॥ मन्त्रसिद्धिप्रदां योनिसिद्धिदां लिङ्गशोभिताम् । प्रणमामि महामायां दुर्गा दुर्गतिनाशिनीम् ॥ उग्रामुग्रमयीमुग्रतारामुग्रगणैर्युताम् ।। नीलां नीलघनश्यामां नमामि नीलसुन्दरीम् ॥ श्यामाङ्गीं श्यामघटितां श्यामवर्णविभूषिताम् । प्रणमामि जगद्धात्रीं गौरीं सर्वार्थसाधिनीम् ॥ विश्वेश्वरीं महाघोरां विकटां घोरनादिनीम्। आद्यामाद्यगुरोराद्यामाद्यनाथप्रपूजिताम् ।। श्री दुर्गा धनदामन्नपूर्णा पद्मां सुरेश्वरीम्।। धन प्रणमामि जगद्धात्रीं चन्द्रशेखरवल्लभाम् ॥  त्रिपुरां सुन्दरीं बालामबलागणभूषिताम् । । शिवदूतीं शिवाराध्यां शिवध्येयां सनातनीम् ॥  सुन्दरीं… - [दशमहाविद्या देवी के नाम । Dash Mahavidhya Devi Ke Naam](https://devpujabooking.com/dash-mahavidhya-devi-ke-naam/): दशमहाविद्या देवी के नाम । ६-त्रिपुरभैरवी क्षीयमान विश्वके अधिष्ठान दक्षिणामूर्ति कालभैरव हैं। उनकी शक्ति ही त्रिपुरभैरवी है। ये ललिता या महात्रिपुरसुन्दरीकी रथवाहिनी हैं। ब्रह्माण्डपुराणमें इन्हें गुप्त योगिनियोंकी अधिष्ठात्री देवीके रूपमें चित्रित किया गया है। मत्स्यपुराणमें इनके त्रिपुरभैरवी, कोलेशभैरवी, रुद्रभैरवी, चैतन्यभैरवी तथा नित्याभैरवी आदि रूपोंका वर्णन प्राप्त होता है। इन्द्रियोंपर विजय और सर्वत्र उत्कर्षकी प्राप्तिहेतु त्रिपुरभैरवीकी उपासनाका वर्णन शास्त्रोंमें मिलता है। महाविद्याओंमें इनका छठा स्थान है। त्रिपुरभैरवीका मुख्य उपयोग घोर कर्ममें होता है इनके ध्यानका उल्लेख दुर्गासप्तशतीके तीसरे अध्यायमें महिषासुर वधके प्रसंगमें हुआ है। इनका रंग लाल है। ये लाल वस्त्र पहनती हैं, गलेमें मुण्डमाला धारण करती हैं और स्तनोंपर रक्त… - [दशमहाविद्या देवी कौन सी है। दशमहाविद्या के नाम Dashmahavidhya Devi Kaun Si Hoti Hai](https://devpujabooking.com/dashmahavidhya-devi-kaun-si-hoti-hai/): दशमहाविद्या देवी  ।। ॐ श्रीपरमात्मने नमः ।।    1 ।।काली।। दस महाविद्याओंमें काली प्रथम हैं। महाभागवतके अनुसार महाकाली ही मुख्य हैं और उन्हींके उग्र और सौम्य दो रूपोंमें अनेक रूप धारण करनेवाली दस महाविद्याएँ हैं। विद्यापति भगवान् शिवकी शक्तियाँ ये महाविद्याएँ अनन्त सिद्धियाँ प्रदान करनेमें समर्थ हैं। दार्शनिक दृष्टिसे भी कालतत्त्वकी प्रधानता सर्वोपरि है। इसलिये महाकाली या काली ही समस्त विद्याओंकी आदि हैं अर्थात् उनकी विद्यामय विभूतियाँ ही महाविद्याएँ हैं। ऐसा लगता है कि महाकालकी प्रियतमा काली ही अपने दक्षिण और वाम रूपोंमें दस महाविद्याओंके नामसे विख्यात हुईं। बृहन्नीलतन्त्रमें कहा गया है कि रक्त और कृष्णभेदसे काली ही दो रूपोंमें… - [राजा चन्द्रदेव पर माता वैष्णो देवी की कृपा सम्पूर्ण कथा लिरिक्स हिन्दी।](https://devpujabooking.com/mata-vaishno-devi-ki-katha/): ।।  राजा चन्द्रदेव पर माता वैष्णो देवी की कृपा।। राजा चन्द्रदेव पर माता वैष्णो देवी की कृपा सम्पूर्ण कथा लिरिक्स हिन्दी। प्राचीन काल में जम्मू के राजा चन्द्रदेव बड़े धर्मात्मा तथा दानी थे। उनकी राजधानी जम्मू नगरी थी। उन्होंने कई मन्दिरों का निर्माण करवाया तथा जगह-जगह पर सदाव्रत लगाया। ऐश्वर्य एवं दान आदि में राजा को किसी पकार की कमी न थी, परन्तु दुर्भाग्यवश उनके सन्तान नहीं थी। रानी धर्मवती भी इसी कारण दुःखी रहा करती थी। एक बार राजा चन्द्रदेव अपनी रानी सहित गंगा स्नान के लिए हरिद्वार गए। वहाँ उन्होंने महात्मा हंसदेव जी का प्रवचन सुना और प्रभावित हुए।… - [ध्यानू भक्त की कथा लिरिक्स हिन्दी। Dhyanu Bhakt Ki Katha Lyrics](https://devpujabooking.com/dhyanu-bhakt-ki-katha-lyrics/): ध्यानू भक्त की कथा     जिन दिनों भारत में मुगल सम्राट अकबर का शासन था, उन्हीं दिनों की यह घटना हैं। नदोन ग्राम निवासी माता का एक सेवक (ध्यानू भक्त एक हजार यात्रियों सहित माता के दर्शन के लिए जा रहा था।) इतना बड़ा दल देखकर बादशाह के सिपाहियों ने चाँदनी चौक, दिल्ली में उन्हें रोक लिया और अकबर के दरबार में ले जाकर ध्यानू भक्त को पेश किया।   बादशाह ने पूछा-तुम इतने आदमियों को साथ लेकर कहीं जा रहे हो? ध्यानू भक्त ने हाथ जोड़कर उत्तर दिया-मैं ज्वाला माई के दर्शन के लिए जा रहा हूँ। मेरे… - [तारा रानी की कथा लिरिक्स हिंदी | Tara Rani Ki Katha Lyrics Hindi](https://devpujabooking.com/tara-rani-vrat-katha/): तारा रानी की कथा लिरिक्स हिंदी Tara Rani Ki Katha Lyrics Hindi  ।। कथा प्रारंभ।।   तारा रानी की व्रत कथा माता के जगराते में महारानी तारा देवी की कथा कहने-सुनने की परम्परा प्राचीन काल से चली आयी हैं। बिना इस कथा के जागरण को सम्पूर्ण नहीं माना जाता। यद्यपि पुराणों में इसका कोई उल्लेख नहीं है। तथापि माता के प्रत्येक जागरण में इसको सम्मिलित करने का परम्परागत विधान है। कथा इस प्रकार से है- महाराज दक्ष की दो पुत्रियाँ तारा देवी एवं रुक्मन भगवती दुर्गा माँ की भक्ति में अटूट विश्वास रखती थी। दोनों बहनें नियम पूर्वक एकादशी का… - [महामृत्युंजय मंत्र जप के क्या लाभ है , क्यों कराया जाता है संकट के समय महामृत्युंजय जप आइये जानते हैं](https://devpujabooking.com/mahamratunjay-mantra-jap-ke-laabh/): महामृत्युंजय मंत्र जप के क्या लाभ है ।।महामृत्युंजय मंत्र जप के लाभ।।   *महामृत्युंजय मंत्र के 8 सिद्ध प्रयोग* *✍🏻ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय ममामृतात्* महामृत्युंजय मंत्र का सीधा सा अर्थ है मृत्यु को जीतने वाला, महामृत्युंजय मंत्र भगवान रूद्र का सर्वशक्तिमान और प्रत्यक्ष प्रभाव देने वाला मंत्र है और इससे अधिकांश लोग परिचित भी हैं, आमतौर पर अच्छे स्वास्थ्य के लिए, असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है।  अकाल मृत्यु के भय से बचाने के लिए या इसे कर्मकांडी ब्राह्मणों द्वारा कराया जाता है, लेकिन महामृत्युंजय मंत्र का प्रयोग न… - [आरती: श्री गणेश जी की - ( shree Ganesh ji Arti ) गणेश जी की सम्पूर्ण आरती](https://devpujabooking.com/ganesh-ji-ki-arti/): ।। श्री गणेश जी की सम्पूर्ण आरती।।  गणपति की सेवा मंगल मेवा सेवा से सब विघ्न टरे। तीन लोक तैतीस देवता द्वार खड़े सब अरज करें।। रिद्धि सिद्ध दक्षिण वाम विराजे आनन्द सौ चंवर दुरें। धूप दीप और लिए आरती भक्त खड़े जयकार करें।। गुड़ के मोदक भोग लगत है मूषक वाहन चढ़े सरें। सौम्य सेवा गणपति की विघ्न भाग जा दूर परें।। भादों मास शुक्ल चतुर्थी दोपारा भरपूर परें। लियो जन्म गणपति प्रभु ने दुर्गा मन आनन्द भरें।। श्री शंकर के आनन्द उपज्योनाम सुमरयां सब विघ्न टरें। आन बिधाता बैठे आसान इंद्र अप्सरा नृत्य करें।। देखि वेद ब्रम्हाजी जाको… - [संकट मोचन हनुमानाष्टक - Sankatmochan Mochan Ashtak](https://devpujabooking.com/sankatmochan-hanuman-ashtak/): संकट मोचन हनुमानाष्टक   ।।हनुमानाष्टक।। बाल समय रबि भक्ष लियो तब, तीनहुँ लोक भयो अँधियारों। ताहिं सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो। देवन आनि करी बिनती तब, छाडि दियो रबि कष्ट निवारो। को नहि जानत है जग में कपि, संकट मोचन नाम तिहारो।।को….. बालि की त्रास कपीस बसै गिरि, जात महाप्रभु पंथ निहारो।। चौकि महामुनि साप दियो तब , चाहिय कौन बिचार बिचारो। कै द्विज रूप लिवाय महाप्रभु ,सो तुम दास के सोक निवारो।।को…. अंगद के संग लेन गये सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो। जीवत ना बचिहौ हम सो जु, बिना सुधि लाए इहाँ… - [श्री हनुमान चालीसा हिंदी-बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए पढें हनुमान चालीसा](https://devpujabooking.com/shree-hanuman-chalisa/):  श्री हनुमान चालीसा         ।। दोहा ।। श्री गुरु चरन सरोज रज,निज मन मुकुरु सुधारि।। बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।। बुद्धिहीन   तनु     जानके, सुमिरौं पवन कुमार । बल बुद्धि  विद्या  देहु  मोहि, हरहु   कलेश विकार।।    ।।चौपाई।। जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुं लोक उजागर।। राम दूत अतुलित बल धामा । अंजनि  पुत्र  पवनसुत   नामा।।   महावीर   विक्रम   बजरंगी  । कुमति निवार सुमति के  संगी।। कंचन बरन बिराज सुबेसा  ।  कानन कुण्डल कुंचित केसा ।।  हाथ बज्र और ध्वजा बिराजै । कांधे   मूँज   जनेऊ    साजै।। शंकर   सुवन  केसरी  नंदन  । तेज  प्रताप … - [आरती श्री गणेश जी की - जय गणेश जय गणेश](https://devpujabooking.com/arti-shre-ganesh-ji-ki/): आरती क्या है और कैसे करें      आरती को आरती  और अर्तिका  और नीराजन भी कहते हैं पूजा के अंत में आरती की जाती है पूजा में जो त्रुटी रह जाती है उसे आरती से उसकी पूर्ति होती है स्कंद पुराण में बताया गया है ।। मंत्र हीनं क्रियाहीनं यत पूजनं हरे।। सर्व सम्पूर्णतामेति कृते नीराजने शिवे।।       आरती श्री गणेश जी की   गणेश जी की आरती जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।… माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।। लड्डुन के भोग लगे संत करें सेवा । जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।।…. एकदंत दयावंत चार… - [गणाधीश गजानन दीनदयाल आरती उतारू तेरी गौरा जी के लाल, ganadhish gajanan dinadayal arti](https://devpujabooking.com/ganashish-gajanan-dindayal-arti/): गणाधीश गजानन दीनदयाल आरती उतारू तेरी गौरा जी के लाल। गणाधीश गजानन दीनदयाल,  आरती उतारू तेरी गौरा जी के लाल।।2 लम्बोदर चतुर्भुज लीला तेरी न्यारी है,        वक्रतुण्ड महाकाय चूहे की सवारी है।। भक्त जन भर भर लाए लड्डुअन के थाल।        आरती उतारू तेरी गौरा जी के लाल।। गणाधीश गजानन दीनदयाल आरती उतारू ….       रिद्धि सिद्ध पत्नी तेरी यश लाभ दो है सुत। तेरी पूजा करने वाला हो जाए पापों से मुक्त।।       जय गणेश बोलो कटे संकटो के जाल। आरती उतारू तेरी गौरा जी के लाल।      गणाधीश… - [शिव वास कब है कैसे जानें shiv vas kab hai kaise jane](https://devpujabooking.com/shiv-vas-kab-hai-kaise-jane/): शिव वास कब है कैसे जानें shiv vas kab hai kaise jane    शिव वास कब है       शुक्ल पक्ष तिथियां      शिववास         फल प्रथमा        शमशान         मृत्युतुल्य द्वितीया      गौरी सानिध्य   सुखप्रद तृतीया       सभायां           संताप चतुर्थी        क्रीड़ायां          कष्ट एवं दुःख पंचमी        कैलाश पर       सुखप्रद षष्टी          वृषारूढ़          अभीष्टसिद्ध सप्तमी      भोजन            पीड़ा अष्टमी       शमशान   … - [गणाधीश गजानन दीनदयाल आरती गणेश जी की Ganadhish gajanan arti ganesh ji ki](https://devpujabooking.com/ganadhish-gajanan-dindayal-arti/): गणाधीश गजानन दीनदयाल आरती श्री गणेश जी की  ॐ गणाधीश गजानन दीनदयाल,       आरती उतारू गौरा जी के लाल।। बोलो गणाधीश…… लम्बोदर चतुर्भुज लीला तेरी न्यारी है,       वक्रतुण्ड महाकाय मूसे की सवारी है।। भक्त जन भर भर लाये लड्डुअन के थाल       आरती उतारू गौरा जी के लाल।। बोलो गणाधीश…….. रिद्धि सिद्धि पत्नी तेरी यश लाभ दो है सुत       तेरी पूजा करने वाला हो जाये पापों से मुक्त।। बुद्धि के प्रदाता तेरी जय हो ओमकार       आरती उतारू तेरी गौरा जी के लाल।।बोलो गणाधीश….. ब्रम्हा विष्णु रुद्र से… - [दाता तेरा मेरा प्यार कभी ना बदले लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/data-tera-pyaar-kabhi-na-badle/): दाता तेरा मेरा प्यार कभी ना बदले   दाता तेरा मेरा प्यार कभी न बदले । दाता मेरा ये विचार कभी न बदले ।। दाता तेरा मेरा…… ।। द्वार तेरे… - [मुरली बजाके मोहना क्यों कर लिया किनारा लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/murli-bajakar-mohna-kyo-kar/): मुरली बजाके मोहना क्यों कर लिया किनारा     मुरली बजाके मोहना, क्यों कर लिया किनारा । अपनों से हाय कैसा, व्यवहार है तुम्हारा ।। मुरली बजाके मोहना……. ढूंढा गली… - [तेरी मर्जी का मैं हूँ गुलाम लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/teri-marji-mai-hu-gulam/): तेरी मर्जी का मैं हूँ गुलाम   तेरी मर्जी का मैं हूँ गुलाम, मेरे अलबेले राम । अलबेले राम मेरे अलबेले राम, तेरी मर्जी……. जो भी कराले हूँ मैं तुम… - [मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/mera-apki-krapa-se-sb-kaam-ho-raha-hai/): मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है। करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है ।। मेरा आपकी… - [मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/mujhe-shyaam-sundar-ki-dulhan-bana-do/): मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो आओ मेरी सखियो मुझे मेंहदी लगा दो, मेंहदी लगा के मुझे इतनी सजा दो । मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो ।।… - [बाँके बिहारी रे, दूर करो दुःख मेरा लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/banke-bihari-re-dur-kro-dukh-mera/): बाँके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा     बाँके बिहारी रे दूर करो दुःख मेरा । सुना है जो तेरे दर पै आवैं, उसके सब दुःखड़े मिट जावैं ।… - [तेरी अँखियाँ हैं जादू भरी बिहारी मैं तो कब से खड़ी लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/teri-ankhiyan-hai-jaadu-bhari/): तेरी अँखियाँ हैं जादू भरी, बिहारी मैं तो कब से खड़ी     तेरी अँखियाँ हैं जादू भरी, बिहारी मैं तो कब से खड़ी । सुन लो मेरे श्याम सलोना,… - [सब काम कर रहे हैं श्रीराम जी हमारे लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/sab-kaam-kar-rahe-hai-shree-ram/): सब काम कर रहे हैं, श्रीराम जी हमारे   श्रीराम जी हमारे, सब काम कर रहे हैं, हर राम के सहारे, विश्राम कर रहे हैं । श्रीराम जी हमारे…… ये… - [भाव का भूखा हूँ मैं भाव ही एक सार है लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/bhaav-ka-bhukha-hu-main-bhaav/): भाव का भूखा हूँ मैं भाव ही एक सार है लिरिक्स भजन भाव ही एक सार है    भाव का भूखा हूँ मैं और भाव ही एक सार है। भाव से… - [ये दो दिन का मेला रहेगा कायम न जग का झमेला रहेगा लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/ye-do-din-ka-mela-rahega-kayam-jag-ka/): ये दो दिन का मेला रहेगा कायम न जग का झमेला रहेगा साथ क्या जायेगा ! रे मन ! ये दो दिन का मेला रहेगा । कायम न जग का… - [राधारमण राधारमण राधारमण कहो लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/radharaman-radharaman-radharaman-kaho/): राधारमण राधारमण राधारमण कहो लिरिक्स भजन राधारमण कहो जिस देश में, जिस भेष में, जिस हाल में रहो । राधारमण, राधारमण, राधारमण कहो । जिस संग में, जिस ढंग में,… - [लिरिक्स भजन तू न जागा आलसी सो रहा बन अभागा](https://devpujabooking.com/lyrics-bhajan-tu-na-jaga/): लिरिक्स भजन तू न जागा आलसी सो रहा बन अभागा तू न जागा ! बेला अमृत गया आलसी सो रहा बन अभागा । साथी सारे जगे तू न जागा ॥… - [सीताराम सीताराम सीताराम कहिये लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/sitaram-sitaram-sitaram-kahiye/): सीताराम सीताराम सीताराम कहिये लिरिक्स भजन सीताराम सीताराम सीताराम कहिये । जाही विधि राखै राम, ताही विधि रहिये ॥ मुख में हो राम नाम, राम सेवा हाथ में । तू… - [हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/he-mere-gurudev-karuna-sindhu-karuna/): हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये लिरिक्स भजन हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये । हूँ अधम आधीन अशरण अब शरण में लीजिये ॥ खा रहा गोते हूँ… - [प्रभाती भजन लिरिक्स।जागो सज्जन वृन्द हमारे](https://devpujabooking.com/jaago-sajjan-vrand-hamare-lyrics/): प्रभाती भजन लिरिक्स।जागो सज्जन वृन्द हमारे जागो सज्जन-वृन्द हमारे । मोह निशा के सोवन हारे ॥ जागो जागो हुआ सवेरा, मोह निशा का उठ गया डेरा । ज्ञान भानु ने किया… - [कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं बाद में अमृत पिलाने से क्या फायदा लिरिक्स](https://devpujabooking.com/kabhi-pyase-ko-paani-pilaya-nahi/): कभी प्यासे को पानी कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं, बाद में अमृत पिलाने से क्या फायदा ? कभी गिरते हुए को उठाया नहीं, बाद में आंसू बहाने से क्या… - [भला किसी का कर ना सके तो बुरा किसी का मत करना लिरिक्स](https://devpujabooking.com/bhala-kisi-ka-kar-na-sako-to-bura/): भला किसी का कर ना सके तो बुरा किसी का मत करना भला किसी का कर ना सके तो बुरा किसी का मत करना पुष्प नहीं बन सकते तो तुम… - [माँ नर्मदा जी की आरती ! Maa Narmada Arti](https://devpujabooking.com/maa-narmada-arti/): आरती श्री नर्मदा जी की ओ३म् जय जगदा नन्दी, भैया जय आनन्द कन्दी। ब्रह्मा हरी हर शंकर सेवा, शिव हरि शंकर रुद्री पालन्ती ।। ओ३म् जय जगदा० ॥१॥ देवी नारद… - [ओ जंगल के राजा मेरी मैया को लेके आजा](https://devpujabooking.com/o-jangal-ke-raja-lyrics/): ओ जंगल के राजा – भजन संग्रह ओ जंगल के राजा ओ जंगल के राजा मेरी मैया को लेके आजा। मैंने आस की ज्योति जगाई, मेरे नयनों में मां है… - [गजानंद महाराज पधारो कीर्तन की तैयारी है](https://devpujabooking.com/gajanand-maharaj-padharo-kirtan/): गजानंद महाराज पधारो कीर्तन की तैयारी है गजानंद महाराज पधारो कीर्तन की तैयारी है ॥श्लोक॥ प्रथम मनाये गणेश के, ध्याऊ शारदा मात, मात पिता गुरु प्रभु चरण मे, नित्य नमाऊ… - [क्षेत्रपाल भैरवाष्टक स्तोत्र लिरिक्स](https://devpujabooking.com/kshetrapal-bhairav-strotra/): श्री क्षेत्रपाल भैरवाष्टक स्तोत्र  क्षेत्रपाल भैरव स्त्रोत     ( विश्वसार-तन्त्र का यह स्तोत्र भावपूर्वक पाठ करने मात्र से प्रभाव दिखाता है। मुझे प्रारम्भिक साधना के काल में “वीरभूमि” में… - [कलयुग में सिद्ध हो देव तुम्हीं हनुमान तुम्हारा क्या कहना लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/kalyug-me-sidh-ho-dev-tumhi/): कलयुग मे सिद्ध हो देव तुम्ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना, तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना । । सीता की खोज करी तुमने, तुम सात समन्दर… - [पधारो नाथ पूजा में हृदय मन्दिर सजाया है लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/padharo-naath-puja-me-lyrics-bhajan/): पधारो नाथ पूजा में हृदय मन्दिर सजाया है लिरिक्स भजन पधारो नाथ पूजा में हृदय मन्दिर सजाया है तुम्हारे वास्ते आसन विमल मन का बिछाया है । लिये जल नयन… - [दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/dasha-mujh-deen-ki-bhagwan/): दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा दशा मुझ दीन की भगवन, संभालोगे तो क्या होगा दशा मुझ दीन की भगवन, संभालोगे तो क्या होगा । दोहा- कन्हैया… - [ना राम नाम लीनो तेने भरी जवानी में लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/na-ram-naam-leeno-tene-bhari-jawani/): ना राम नाम लीनो तेने भरी जवानी में लिरिक्स भजन ना राम नाम लीनो तेने भरी जवानी में लिरिक्स भजन ना राम नाम लीनो, तेने भरी जवानी में, तू डूब… - [एक राधा एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/ek-radha-ek-meera-donon-ne-shyaam/): एक राधा एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा लिरिक्स भजन एक राधा, एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा अंतर क्या दोनों की चाह में बोलो अंतर क्या दोनों… - [मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा लिरिक्स भजन | Man mera mandir shiv meri puja lyrics bhajan](https://devpujabooking.com/man-mera-mandir-shiv-meri-puja/): मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा लिरिक्स भजन ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय सत्य है ईश्वर, शिव है जीवन, सुन्दर यह संसार है । तीनो लोक हैं तुझमे, तेरी… - [आ जाओ भोले बाबा मेरे मकान में लिरिक्स भजन](https://devpujabooking.com/aa-jao-bhole-baba-mere-makan-me/): आ जाओ भोले बाबा मेरे मकान में आ जाओ भोले बाबा मेरे मकान में , तेरा डम डम डमरू बोले सारे जहान में ॥ सुन डमरू की आवाज, गणपति जी… - [देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ लिरिक्स भजन - Dena Ho To Dijiye lyrics Bhajan](https://devpujabooking.com/dena-ho-to-dijiye-janam-janam-ka/): देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ । देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ । अब तो कृपा कर दीजिए, जनम जनम का साथ । मेरे सर… - [हे मेरे गुरुदेव करुणा, सिंधु करुणा कीजिए गुरु भजन लिरिक्स -He mere gurudev](https://devpujabooking.com/he-mere-gurudev-karuna-sindhu/): हे मेरे गुरुदेव करुणा, सिंधु करुणा कीजिए हे मेरे गुरुदेव करुणा हे मेरे गुरुदेव करुणा, सिंधु करुणा कीजिए, हूं अधम आधीन अशरण, अब शरण में लीजिए, खा रहा गोते हूं… - [इतनी कृपा सांवरे बनाये रखना लिरिक्स सम्पूर्ण भजन](https://devpujabooking.com/itni-krapa-sawre-banaye-rakhna/): इतनी कृपा सांवरे बनाये रखना इतनी कृपा सांवरे बनाये रखना इतनी कृपा सांवरे बनाये रखना, मरते दम तक सेवा में लगाये रखना, इतनी कृपा सांवरे । ।…………….. मैं तेरा तू… - [हरी हर एक हैं दोनो - ना ये कम है ना वो कम है प्यारा भजन](https://devpujabooking.com/hari-har-ek-hai-dono-shiv-bhajan/): हरी हर एक हैं दोनो हरी हर एक हैं दोनो ना ये कम है ना वो कम है, ये रहते है हिमालय में वो रहते क्षीर सागर में, ससुर घर… - [ॐ नमः शिवाय हरी ॐ नमः शिवाय - ब्रह्मा माने विष्णु माने नारद विणा से गाये](https://devpujabooking.com/om-namha-shivay-hari-om-namha/): ॐ नमः शिवाय हरी ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय हरी ॐ नमः शिवाय ब्रह्मा माने विष्णु माने नारद विणा से गाये हरी ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय हरी… - [श्री दुर्गाष्टोत्तर शतनामस्तोत्रम् लिरिक्स अर्थ सहित](https://devpujabooking.com/shree-durga-satnaam-strotram/): ॥ श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ॥ दुर्गाष्टोत्तर शतनाम, जिसे दुर्गा स्तोत्र भी कहा जाता है, एक प्रसिद्ध हिन्दू स्तोत्र है जो मां दुर्गा की महिमा और शक्ति की प्रशंसा करता है । यह… - [दुर्गा कीलक स्त्रोत्र लिरिक्स सम्पूर्ण स्त्रोत्र](https://devpujabooking.com/kilak-strotram-lyrics/): अथ कीलकम् स्त्रोत्र ॐ अस्य श्रीकीलकमन्त्रस्य शिव ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, श्रीमहासरस्वती देवता, श्रीजगदम्बाप्रीत्यर्थं सप्तशतीपाठाङ्गत्त्वेन जपे विनियोगः । ।। ॐ नमश्चण्डिकायै ।। ।। मार्कण्डेय उवाच ।। ॐ विशुद्धज्ञानदेहाय त्रिवेदीदिव्यचक्षुषे । श्रेयः… - [श्रीअर्गला स्तोत्र पाठ लिरिक्स । argala strotram lyrics](https://devpujabooking.com/argala-strotram-paath-lyrics/): ।। श्रीअर्गला स्तोत्र पाठ ।। अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमन्त्रस्य विष्णुर्ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, श्रीमहालक्ष्मीर्देवता, श्रीजगदम्बाप्रीतये सप्तशतीपाठाङ्गत्त्वेन जपे विनियोगः ॥ ॐ नमश्चण्डिकायै ।। ।। मार्कण्डेय उवाच ।। ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी ।… - [दुर्गा कवच स्तोत्र Bhagwati Durga Kawach Strotra](https://devpujabooking.com/bhagwati-durga-kawach-strotra/): ॥ अथ देव्याः कवचम् ॥ ॐ अस्य श्रीचण्डीकवचस्य ब्रह्मा ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, चामुण्डा देवता, अङ्गन्यासोक्तमातरो बीजम, दिग्बन्धदेवतास्तत्त्वम्, श्रीजगदम्बाप्रीत्यर्थे सप्तशतीपाठाङ्गत्त्वेन जपे विनियोगः । ॥ ॐ नमश्चण्डिकायै ॥ ॥ मार्कण्डेय उवाच ॥… - [सिद्ध कुंजिकास्तोत्र पाठ लिरिक्स](https://devpujabooking.com/sidh-kunjika-strotra-lyrics/): सिद्ध कुंजिकास्तोत्र का पाठ करने से आपको आध्यात्मिक और मानसिक लाभ हो सकता है। इसमें माँ दुर्गा की स्तुति है, जो शक्ति और साहस की प्रतीक हैं। यह स्तोत्र शांति,… - [देवी दुर्गा उमा विश्व जननी रमा मातु तारा लिरिक्स](https://devpujabooking.com/devi-durga-uma/): देवी दुर्गा उमा विश्व जननी रमा मातु तारा  देवी दुर्गे उमा, विश्व जननी रमा, मातु तारा, एक जगदम्बा तेरा सहारा! (२) तू ही वैष्णवी मोह माया, तूने सारे जग को… - [गणाधीश गजानन दीनदयाल आरती उतारू तेरी गौरा जी के लाल](https://devpujabooking.com/ganadhish-gajanan-dindayal/): गणाधीश गजानन दीनदयाल आरती   गणाधीश गजानन दीनदयाल, आरती उतारू गौरा जी के लाल ।  बोलो गणाधीश….. लम्बोदर चतुर्भुज लीला तेरी न्यारी है,  वक्रतुण्ड महाकाय मूसे की सवारी है।।  भक्त जन… - [महामृत्युंजय मंत्र जाप ! महामृत्युंजय जप के नियम](https://devpujabooking.com/mahamratunjay-mantra-jaap-niyam/): महामृत्युंजय मंत्र जप का नियम और लाभ निम्नलिखित है: 1. *नियम*:    – मंत्र: “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”    – आदर्श रूप से रोजाना सुबह और… - [संतान गोपाल मंत्र जप के लाभ : क्यों कराया जाता है आचार्यों से संतान गोपाल मंत्र जप आइए जानते हैं](https://devpujabooking.com/santan-gopal-strotram-jap-laabh/): संतान गोपाल मंत्र एक प्राचीन मंत्र है जो बच्चों की प्राप्ति और संतान सुख के लिए प्रयोग किया जाता है। इस मंत्र का जाप करने से प्राचीन विश्वास है कि… - [श्री जगन्नाथाष्टकम् जगन्नाथ पुरी का रहस्य जगन्नाथ मंदिर का रहस्य जगन्नाथ पुरी कब जाना चाहिए](https://devpujabooking.com/shri-jagannath-ashtakam/): जगन्नाथ पुरी का रहस्य श्री जगन्नाथाष्टकम् जगन्नाथ पुरी का रहस्य जगन्नाथ मंदिर का रहस्य जगन्नाथ पुरी कब जाना चाहिए मंदिर का रहस्य जगन्नाथ पुरी कब जाना चाहिए|  जगन्नाथाष्टकम् एक प्रसिद्ध… - [भवान्यष्टकम् : ना तातो ना माता ना बन्धुर्न न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता](https://devpujabooking.com/bhavani-ashtakam-na-tato-na-mata/): ।।भवान्यष्टकम्।।     ना तातो ना माता  ना तातो ना माता ना बन्धुर्न न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता । न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव गतिस्त्वं… - [शिवाष्टक : जय शिव शंकर जय गंगाधर करुणाकर करतार हरे। जय कैलाशी जय अविनाशी ..](https://devpujabooking.com/shivastak-jai-shiv-shankar-jai-ganga-dhar/): जय शिव शंकर जय गंगाधर करुणाकर करतार हरे जय शिव शंकर जय गंगाधर करुणाकर करतार हरे। जय कैलाशी जय अविनाशी सुखराशी सुखसार हरे ।। जय शशि शेखर जय डमरुधर जय… - [महिषासुरमर्दिनि स्त्रोत ! अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते](https://devpujabooking.com/mahishasura-mardani-strotram/): महिषासुरमर्दिनि स्त्रोत ! अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते महिषासुरमर्दिनि स्त्रोत अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते, गिरिवर-विध्य-शिरोऽधि-निवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते। भगवति हे शितिकण्ठ-कुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि-भूरिकृते, जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ।।१।। सुरवरवर्षिणि… - [शिवाष्टक : जय शिव शंकर जय गंगाधर करुणाकर करतार हरे। जय कैलाशी जय अविनाशी सुखराशी सुखसार हरे](https://devpujabooking.com/jai-shiv-shankar-jai-ganga-dhar/):  जय शिव शंकर जय गंगाधरकरुणाकर करतार हरे             जय शिव शंकर जय गंगाधर जय शिव शंकर जय गंगाधर करुणाकर करतार हरे। जय कैलाशी जय अविनाशी सुखराशी… - [गोविंद दामोदर स्त्रोत करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनवेशयन्तम्](https://devpujabooking.com/govind-damodar-strotram/): करारविन्देन पदारविन्दं गोविन्द दामोदर स्तोत्रम्     करारविन्देन पदारविन्दं, मुखारविन्दे विनवेशयन्तम् ।    वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं, बालंमकुन्दं मनसा स्मरामि ॥१॥  श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेव । … - [हे नाथ जानि अजान बालक विश्वनाथ महेश्वरम्।](https://devpujabooking.com/he-naath-jaani-ajani-balak-vishvay-naath-maheswaram/): हे नाथ जानि, अजान बालक, विश्वनाथ महेश्वरम्। ।। भक्त द्वारा अद्वितीय स्तुति ।।  हे नाथ जानि, अजान बालक, विश्वनाथ महेश्वरम्। करिके कृपा दीजो दरस अविनाशि शंकर सुन्दरम्।।१।।   आया शरण… - [अंग अंग से पुलकित होकर स्वर्ण प्रदान करो माता ! Ang Ang se pulkit hokar swarn pradaan kro mata](https://devpujabooking.com/ang-ang-se-pulkit-hokar-swarn-pradaan/): अंग अंग से पुलकित होकर स्वर्ण प्रदान करो माता  कनकधारा स्त्रोत्र पाठ विधि    एक चौकी पर लाल या पिले कपड़े पर माँ कनकधारा लक्ष्मी की बैठी हुयी प्रतिमा या फोटो… - [सत्यनारायण व्रत कथा गीताप्रेस पंचम अध्याय ! satyanarayan vrat katha geetapress pancham adhayaya](https://devpujabooking.com/satyanarayan-vrat-katha-geetapress-pancham-adhayaya/): सत्यनारायण व्रत कथा गीताप्रेस पाँचवाँ अध्याय राजा तुङ्गध्वज और गोपगणोंकी कथा सूत उवाच अथान्यच्च प्रवक्ष्यामि शृणुध्वं मुनिसत्तमाः। आसीत् तुङ्गध्वजो राजा प्रजापालनतत्परः ॥ १ ॥  प्रसादं सत्यदेवस्य त्यक्त्वा दुःखमवाप सः । एकदा… - [सत्यनारायण व्रत कथा गीताप्रेस चतुर्थ अध्याय ! satyanarayan vrat katha](https://devpujabooking.com/satyanarayan-vrat-katha-geetapress-2/): सत्यनारायण व्रत कथा गीताप्रेस चतुर्थ अध्याय ! चौथा अध्याय असत्य भाषण तथा भगवान्के प्रसादकी अवहेलनाका परिणाम     सत्यनारायण व्रत कथा सूत उवाच    यात्रां तु कृतवान् साधुर्मङ्गलायनपूर्विकाम्। ब्राह्मणेभ्यो धनं दत्त्वा तदा… - [सत्यनारायण व्रत कथा गीताप्रेस तृतीय अध्याय ! satyanarayan vrat katha geetapress tratiya adhyayay](https://devpujabooking.com/satyanarayan-vrat-katha-geetapress-tratiya-adhyayay/): सत्यनारायण व्रत कथा गीताप्रेस तृतीय अध्याय  तीसरा अध्याय राजा उल्कामुख, साधु वणिक् एवं लीलावती-कलावतीकी कथा सूत उवाच  पुनरग्रे प्रवक्ष्यामि शृणुध्वं मुनिसत्तमाः। पुरा चोल्कामुखो नाम नृपश्चासीन्महामतिः ॥ १ ॥ जितेन्द्रियः सत्यवादी… - [सत्यनारायण व्रत कथा गीताप्रेस द्वितीय अध्याय ! satyanarayan vrat katha geetapress dwitiya adhyayay](https://devpujabooking.com/satyanarayan-vrat-katha-geetapress-dwitiya-adhyayay/): दूसरा अध्याय सत्यनारायण व्रत कथा निर्धन ब्राह्मण तथा काष्ठक्रेताकी कथा  सूत उवाच – अथान्यत् सम्प्रवक्ष्यामि कृतं येन पुरा द्विजाः। कश्चित् काशीपुरे रम्ये ह्यासीद विप्रो ऽतिनिर्धनः ॥ १ ॥ क्षुत्तृभ्यां व्याकुलो… - [सत्यनारायण व्रत कथा गीताप्रेस प्रथम अध्याय ! satyanarayan vrat katha geetapress pratham adhyay](https://devpujabooking.com/satyanarayan-vrat-katha-geetapress/): सत्यनारायण व्रत कथा गीताप्रेस प्रथम अध्याय ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ अथ श्रीसत्यनारायणव्रतकथा पहला अध्याय श्रीसत्यनारायणव्रतकी महिमा तथा व्रतकी विधि     व्यास उवाच : एकदा नैमिषारण्ये ऋषयः शौनकादयः। पप्रच्छुर्मुनयः सर्वे सूतं पौराणिकं… - [ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता जो नर तुमको ध्याता मन वांछित फल पाता](https://devpujabooking.com/om-jai-gange-mata-maiya-jai-gange-mata/): ॐ जय गंगे माता मैया जय गंगे माता ॐ जय गंगे माता,  मैया जय गंगे माता ।  जो नर तुमको ध्याता,  मन वांछित फल पाता ॥  ॐ जय गंगे माता…… - [कृष्ण कथा कृष्ण जी गारुड़ी है](https://devpujabooking.com/krishna-ji-garuni-hai-katha/):                      कृष्ण कथा कृष्ण जी गारुड़ी                              … - [सीताराम सीताराम सीताराम कहिये । जाही विधि राखे राम तारी विधि रहिये](https://devpujabooking.com/sitaram-sitaram-sitaram-kahiye-jahi-vidhi-rakhe-ram/): सीताराम सीताराम सीताराम कहिये। जाही विधि राखे राम तारी विधि रहिये                                      … - [दुनिया चले ना श्री राम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना](https://devpujabooking.com/duniya-chale-na-shree-ram-ke-bina/): दुनिया चले ना श्री राम के बिना राम जी चले ना हनुमान के बिना दुनिया चले ना श्री राम के बिना,  राम जी चले ना हनुमान के बिना,  जब से… - [कभी राम बनके, कभी श्याम बन के, चले आना प्रभु जी चले आना](https://devpujabooking.com/kabhi-ram-banke-kabhi-shyaam-banke/): कभी राम बनके कभी श्याम बन के चले आना प्रभु जी चले आना कभी राम बनके, कभी श्याम बन के, चले आना प्रभु जी चले आना – 2  कभी राम…… - [हे मारुति सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में](https://devpujabooking.com/he-maruti-saari-ram-katha-ka-saar-tumhari/): हे मारुति सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में   हे मारुति सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में  दुनिया भर की भक्ति का भंडार तुम्हारी आँखों में … - [आज मंगलवार है महावीर का वार है](https://devpujabooking.com/aaj-mangalvaar-hai-mahavir-ka-vaar/): आज मंगलवार है महावीर का वार है आज मंगलवार है महावीर का वार है यह सच्चा दरबार है।……… सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है।  चैत्र सुदी… - [लौट के आ जा हनुमान तुम्हें भगवान बुलाते है](https://devpujabooking.com/aa-laut-ke-aaja-hanuman/): लौट के आजा हनुमान तुम्हें भगवान बुलाते है लौट के आ जा हनुमान तुम्हें भगवान बुलाते है।  गये पवन सुत लेने संजीवनी अब तक क्यों नहीं लाये है।।  सेनापति सुग्रीव… - [भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए](https://devpujabooking.com/bhakt-ek-shiv-ka-chala-shiv-ko/): भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए                                        … - [लोहे को खा गया घुन हिंदी लोक कथा - Lohe ko kha gya ghun hindi lok katha](https://devpujabooking.com/lohe-ko-kha-gya-ghun-hindi-lok-katha/): लोहे को घुन खा गया हिंदी लोक कथा एक समय की बात है दो व्यक्ति थे, जिनका नाम था मामा और फूफा। मामा और फूफा दोनों व्यापार करते थे ।… - [अंग अंग से पुलकित होकर स्वर्ण प्रदान करो माता कनकधारा स्तोत्र पाठ । Kankdhara Strotra Paath](https://devpujabooking.com/kankdhara-strotra-paath/): अंग अंग से पुलकित होकर श्री आदि शंकराचार्य द्वारा रचित कनकधारा स्तोत्र का हिन्दी रूपांतरण। कनकधारा स्त्रोत्र पाठ विधि    एक चौकी पर लाल या पिले कपड़े पर माँ कनकधारा… - [हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की - Arti Ki jai Hanuman Lala Ki](https://devpujabooking.com/arti-ki-jai-hanuman-lala-ki/): (आरती श्री हनुमान जी की) आरती कीजै हनुमान लला की आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।। जाके बल से गिरिवर काँपे । रोग दोष जाके निकट… - [गणाधीश गजानन दीनदयाल आरती उतारू तेरी गौरा जी के लाल लिरिक्स आरती |](https://devpujabooking.com/ganadhish-gajanan-dinadayal-arti/): गणाधीश गजानन दीनदयाल आरती गणाधीश गजानन दीनदयाल आरती उतारू तेरी गौरा जी के लाल लिरिक्स आरती  ॐ गणाधीश गजानन दीनदयाल,       आरती उतारू गौरा जी के लाल।। बोलो… - [देवी दुर्गा उमा विश्व जननी रमा मातु तारा एक जगदम्ब तेरा सहारा लिरिक्स |](https://devpujabooking.com/devi-durga-uma-vishva-janani-lyrics/): देवी दुर्गा उमा विश्व जननी रमा  मातु तारा एक जगदम्ब तेरा सहारा लिरिक्स    देवी दुर्गा उमा, विश्व जननी रमा, मातु तारा। एक जगदम्बा तेरा सहारा !  देवि दुर्गा उमा, विश्व जननी… - [सत्यनारायण व्रत कथा ( पंचम अध्याय ) - Satyanarayan Vrat Katha Hindi Me Lyrics](https://devpujabooking.com/satyanarayan-vrat-katha-hindi-lyrics/): सत्यनारायण व्रत कथा पाँचवाँ अध्याय राजा तुङ्गध्वज और गोपगणोंकी कथा    सूत उवाच अथान्यच्च प्रवक्ष्यामि शृणुध्वं मुनिसत्तमाः। आसीत् तुङ्गध्वजो राजा प्रजापालनतत्परः ॥ १ ॥  प्रसादं सत्यदेवस्य त्यक्त्वा दुःखमवाप सः । एकदा स… - [सत्यनारायण कथा ( चतुर्थ अध्याय ) | Satyanarayan Vrat Katha Hindi](https://devpujabooking.com/satyanarayan-vrat-katha-hindi-me-lyrics/): सत्यनारायण कथा चौथा अध्याय असत्य भाषण तथा भगवान्के प्रसादकी अवहेलनाका परिणाम     सूत उवाच  यात्रां तु कृतवान् साधुर्मङ्गलायनपूर्विकाम्। ब्राह्मणेभ्यो धनं दत्त्वा तदा तु नगरं ययौ ॥ १॥  कियद् दूरे गते… - [सत्यनारायण कथा ( तृतीय अध्याय ) | Satyanarayan Katha Hindi Me Lyrics](https://devpujabooking.com/satyanarayan-katha-hindi-me-lyrics/): सत्यनारायण कथा तीसरा अध्याय राजा उल्कामुख, साधु वणिक् एवं लीलावती-कलावतीकी कथा        सूत उवाच  पुनरग्रे प्रवक्ष्यामि शृणुध्वं मुनिसत्तमाः। पुरा चोल्कामुखो नाम नृपश्चासीन्महामतिः ॥ १ ॥ जितेन्द्रियः सत्यवादी ययौ… - [सत्यनारायण व्रत कथा हिन्दी में ( द्वितीय अध्याय ) | Satyanarayan Vrat Katha Hindi Me](https://devpujabooking.com/satyanarayan-vrat-katha-hindi-me/): सत्यनारायण व्रत कथा दूसरा अध्याय निर्धन ब्राह्मण तथा काष्ठक्रेताकी कथा सूत उवाच – अथान्यत् सम्प्रवक्ष्यामि कृतं येन पुरा द्विजाः। कश्चित् काशीपुरे रम्ये ह्यासीद विप्रो ऽतिनिर्धनः ॥ १ ॥ क्षुत्तृभ्यां व्याकुलो… - [सत्यनारायण व्रत कथा हिन्दी में ( प्रथम अध्याय ) | Satyanarayan Vrat Katha Hindi](https://devpujabooking.com/satyanarayan-vrat-katha-hindi/):  ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ अथ श्रीसत्यनारायणव्रतकथा पहला अध्याय श्रीसत्यनारायणव्रतकी महिमा तथा व्रतकी विधि                         व्यास उवाच : एकदा नैमिषारण्ये ऋषयः शौनकादयः।… - [गणेश शिखरिणी ध्यान स्तुति ( छंद ) - Ganesh Shikhrini Dhyaan Chand](https://devpujabooking.com/ganesh-shikhrini-dhyaan-chand/): शिखरिणी ध्यान  गणेश जय गणनायक सिद्ध विनायक, मंगलदायक मोक्ष प्रदाता ॥ हो तुमही सबके सुखायक. कष्ट हरो हे भाग्य विधाता | रिद्धि और सिद्धि के स्वामी तुमही हो, पिता शुभ… - [काल भैरवाष्टकम् संस्कृत लिरिक्स | KaalBhairav Ashtakam In Sanskrit](https://devpujabooking.com/kaalbhairav-ashtakam-in-sanskrit/): श्री काल भैरवाष्टकम् देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम् ।  नारदादियोगिवृन्दवन्दितं दिगम्बरं काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे ॥ १ ॥  भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परं नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं त्रिलोचनम् ।  कालकालमम्बुजाक्षमक्षशूलमक्षरं काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे ॥ २॥  शूलटङ्कपाशदण्डपाणिमादिकारणं श्यामकायमादिदेवमक्षरं निरामयम् ।  भीमविक्रमं… - [नवग्रह स्त्रोत्र लिरिक्स संस्कृत | Navgrah Stotra Lyrics](https://devpujabooking.com/navgrah-stotra-lyrics/): श्री नवग्रहस्तोत्रम् जपाकुसुमसंकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम् ।  तमोऽरिं सर्वपापन्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम्॥१॥  दधिशङ्खतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम् ।   नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्॥२॥   धरणीगर्भसम्भूतं    विद्युत्कान्तिसमप्रभम् ।  कुमारं शक्तिहस्तं तं मङ्गलं प्रणमाम्यहम्॥३॥  प्रियङ्गकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं… - [श्री कृष्णाष्टकं श्रियाश्लिष्टो विष्णुः | Shri Krishnashtakam Strotram](https://devpujabooking.com/shri-krishnashtakam-strotram/): ★ श्री कृष्णाष्टकं श्रियाश्लिष्टो विष्णुः श्रियाश्लिष्टो विष्णुः स्थिरचरवपुर्वेदविषयो धियां साक्षी शुद्धो हरिरसुरहन्ताब्जनयनः । गदी शङ्खी चक्री विमलवनमाली स्थिररुचिः शरण्यो लोकेशो मम भवतु कृष्णोऽक्षिविषयः ॥ १ ॥ यतः सर्वं जातं वियदनिलमुख्यं… - [पुरुष सूक्तम संस्कृत लिरिक्स | Purusha Suktam Lyrics](https://devpujabooking.com/purusha-suktam-lyrics/): पुरुष सूक्तम् ॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्त्राक्षः सहस्रपात् ।  स भूमि गुंग  सर्वत स्पृत्वाऽत्यतिष्ठद्दशाङ्गुलम् ॥ १॥ पुरुष एवेद गुंग सर्वं यद्भूतं यच्च भाव्यम् । उतामृतत्वस्येशानो यदन्नेनातिरोहति ॥ २ ॥ एतावानस्य महिमातो… - [श्री सूक्त पाठ लिरिक्स | लक्ष्मी प्राप्ति सुख समृद्धि के लिए पढ़े श्री सूक्त पाठ | Shri Sukt Path](https://devpujabooking.com/shri-sukt-path/): श्री सूक्त पाठ लिरिक्स लक्ष्मी प्राप्ति सुख समृद्धि के लिए पढ़े श्री सूक्त पाठ श्री सूक्तम् ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्त्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आ वह ॥ १… - [कनकधारा स्त्रोत सम्पूर्ण पाठ लिरिक्स ( संस्कृत ) | Kanakdhara Strotra Lyrics](https://devpujabooking.com/kanakdhara-strotra-lyrics/): कनकधारा स्त्रोत सम्पूर्ण पाठ १- इसके श्रद्धा-विश्वासपूर्वक पाठ-अनुष्ठानसे ऋणमुक्ति और लक्ष्मी प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि आचार्य श्रीशंकर ने इसका पाठ करके स्वर्णवर्षा करायी थी। अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती… - [श्री अन्नपूर्णा स्त्रोत्र शङ्कराचार्य कृतं सम्पूर्ण | Annapoorna Stotram Lyrics](https://devpujabooking.com/annapoorna-stotram-lyrics/): अन्नपूर्णास्तोत्रम् नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी निर्भूताखिलघोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी प्रालेयाचलवंशपावनकरी काशीपुराधीश्वरी भिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी मातान्नपूर्णेश्वरी ॥ १॥ नानारत्नविचित्रभूषणकरी हेमाम्बराडम्बरी मुक्ताहारविलम्बमानविलसद्वक्षोजकुम्भान्तरी  काश्मीरागरुवासिताङ्गरुचिरे  काशीपुराधीश्वरी ॥ भिक्षां देहि० ॥ २॥ योगानन्दकरी रिपुक्षयकरी धर्मार्थनिष्ठाकरी चन्द्रार्कानलभासमानलहरी त्रैलोक्यरक्षाकरी ।… - [माँ दुर्गा देव्यापराध क्षमा प्रार्थना स्त्रोत सम्पूर्ण | Maa Durga Kshama Prarthna Stotram](https://devpujabooking.com/maa-durga-kshama-prarthna-stotram/): दुर्गा देव्यपराध क्षमापनस्तोत्रम् न मन्त्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो  न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथाः ।  न जाने मुद्रास्ते तदपि च न जाने विलपनं  परं… - [श्री शिवमानस पूजा ( स्त्रोत ) - Shiv Manas pooja Strotra](https://devpujabooking.com/shiv-manas-pooja-strotra/): श्री शिव मानस पूजा       शिवमानस पूजा     रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः स्त्रानं च दिव्याम्बरं  नानारत्नविभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनम् ।  जातीचम्पकबिल्वपत्ररचितं पुष्पं च धूपं तथा दीपं देव दयानिधे पशुपते… - [चाक्षुषोपनिषद (चाक्षुषी विद्या) - पाठ करने से नेत्र के समस्त रोग दूर हो जाते हैं। Chakshushi Vidhya Strotram](https://devpujabooking.com/chakshushi-vidhya-strotram-lyrics/): चाक्षुषोपनिषद् ( चाक्षुषी विद्या ) १-इस चाक्षुषो विद्या के श्रद्धा-विश्वास पूर्वक पाठ करने से नेत्र के समस्त रोग दूर हो जाते हैं। आँख की ज्योति स्थिर रहती है। इसका पाठ… - [श्री शिव महिम्नः स्तोत्र ( पुष्पदन्त ) | Shiv Mahimna Stotra lyrics](https://devpujabooking.com/shiv-mahimna-stotra-lyrics/): श्री शिवमहिम्नः स्तोत्रम् शिव महिम्नः स्तोत्र पुष्पदन्त उवाच  महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी  स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिरः । अथावाच्यः सर्वः स्वमतिपरिणामावधि गृणन्  ममाप्येष स्तोत्रे हर निरपवादः परिकरः ।। १ ।।  अतीतः… - [श्री शिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय - Nagendra Haraya Lyrics](https://devpujabooking.com/nagendra-haraya-lyrics/): श्री शिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय  नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै ‘न’ काराय नमः शिवाय ॥ १॥  मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय ॥ मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय तस्मै ‘म’ काराय नमः शिवाय ॥२ शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द-सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय । … - [आदित्य हृदय स्त्रोत सम्पूर्ण पाठ | ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे ....](https://devpujabooking.com/aditya-hridaya-stotra/): श्री आदित्यहृदयस्तोत्र  * इस आदित्यहृदय’ नामक स्तोत्रका विनियोग एवं न्यासविधि इस प्रकार है- विनियोग : ॐ अस्य आदित्यहृदयस्तोत्रस्यागस्त्यऋषिरनुष्टुप्छन्दः, आदित्यहृदय भूतो भगवान् ब्रह्मा देवता निरस्ताशेषविघ्नतया ब्रह्मविद्यासिद्धौ सर्वत्र जयसिद्धौ च विनियोगः ।… - [माँ बगलामुखी बगलाष्टोत्तरशतनाम् स्तोत्रम | Maa Baglamukhi Bagla Ashtottar Shatnam](https://devpujabooking.com/maa-baglamukhi-bagla-ashtottar-shatnam/): बगलामुखी बगलाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् बगलामुखी ब्रह्मास्त्ररूपिणी देवी माता श्रीबगलामुखी। चिच्छत्तिज्ञानरूपा च ब्रह्मानन्दप्रदायिनी ।। १।।  महाविद्या महालक्ष्मी श्रीमत्त्रिपुरसुन्दरी। भुवनेशी जगन्माता पार्वती सर्वमङ्गला ।। २।।  ललिता भैरवी शान्ता अन्नपूर्णा कुलेश्वरी। बाराही छिन्नमस्ता… - [Bhakti ki shakti | भक्ति की शक्ति कथा लिरिक्स हिन्दी में](https://devpujabooking.com/bhakti-ki-shakti/):  भक्ति की शक्ति कथा लिरिक्स हिन्दी में भक्तराज अम्बरीष महाराज नाभाग के पुत्र थे। वे सप्तदीपवती पृथ्वी के एकमात्र सम्राट थे। सम्पूर्ण ऐश्वर्य के अधीश्वर होते हुए भी संसारके भोग-पदार्थायें उनकी… - [नहीं तंत्र मंत्र जानू जप योग पाठ पूजा | Nahi Tantra Mantra Janu](https://devpujabooking.com/nahi-tantra-mantra-janu/): नहीं तंत्र मंत्र जानू जप योग पाठ पूजा  नहीं तन्त्र मंत्र जानू जप योग पाठ पूजा । आवाहन ध्यान का भी नहीं ख्याल और दूजा ।। उपचार और मुद्रा पूजा बिधान… - [श्री सत्यनारायणाष्टकम् आदिदेवं जगत्कारणं | Satyanarayan Ashtakam](https://devpujabooking.com/satyanarayan-ashtakam/):   श्रीसत्यनारायणाष्टकम् आदिदेवं जगत्कारणं श्रीधरं लोकनाथं विभुं व्यापकं शङ्करम् । सर्वभक्तेष्टदं मुक्तिदं माधवं सत्यनारायणं विष्णुमीशम्भजे ॥ १ ॥    सर्वदा लोककल्याणपारायणं देवगोविप्ररक्षार्थसद्विग्रहम्। दीनहीनात्मभक्ताश्रयं सुन्दरं सत्य ॥ २ ॥    दक्षिणे… - [Ganesh Pancharatna | गणेशपञ्चरत्नम् - मुदाकरात्तमोदकं श्री गणेश पंचरत्नम स्त्रोत सम्पूर्ण](https://devpujabooking.com/ganesh-pancharatna/): गणेशपञ्चरत्नम् मुदा करात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं कलाधरावतंसकं विलासिलोकरञ्जकम् । अनायकैकनायकं विनाशितेभदैत्यकं नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम् ॥ १ ॥  नतेतरातिभीकरं नवोदितार्कभास्वरं नमत्सुरारिनिर्जरं नताधिकापदुद्धरम् । सुरेश्वरं निधीश्वरं गजेश्वरं गणेश्वरं महेश्वरं तमाश्रये परात्परं निरन्तरम् ।।… - [Pitra Dev Arti | पित्र देव आरती। पितरो की नित आरती कीजै](https://devpujabooking.com/pitra-dev-arti/):               ॥ श्री पित्तरों की आरती ।।          पित्र देव आरती पित्तरों की नित आरती कीजै  तन मन धन चरणों में… - [गणपति अथर्वशीर्ष | Ganpati Atharvashirsha Hindi](https://devpujabooking.com/ganpati-atharvashirsha-hindi/):                           गणपति अथर्वशीर्ष ।। श्रीगणपत्यथर्वशीर्षम्।। ॐ भद्रङ्कर्णेभिरिति शान्तिः   हरिः ॐ ॥ नमस्ते गणपतये । त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि… - [Sankatashan Ganesh Stotra | संकटनाशन गणेश स्त्रोत](https://devpujabooking.com/sankatashan-ganesh-stotra/): संकटनाशन गणेश स्त्रोत  ।।स्तुति-प्रकरण।। श्रीसङ्कष्टनाशनगणेशस्तोत्र प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् । भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायुष्कामार्थसिद्धये ॥ १ ॥ प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम् । तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ॥ २ ॥ लम्बोदरं… - [Saraswati Arti | सरस्वती आरती इन हिंदी lyrics](https://devpujabooking.com/saraswati-arti-lyrics/): सरस्वती आरती इन हिंदी lyrics                                                  … - 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